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Saturday, April 28, 2018

गूगल ने लॉन्च किया Grasshopper ऐप, फोन पर सीख सकेंगे कोडिंग

April 28, 2018
गूगल ने लॉन्च किया Grasshopper ऐप, फोन पर सीख सकेंगे कोडिंग

सर्च इंजन कंपनी गूगल ने अपने यूजर्स के लिए Grasshopper नाम की एक ऐप लॉन्च की है। इस ऐप की मदद से यूजर अपने फोन में कोडिंग सीख सकते हैं। इस ऐप को गूगल वर्कशॉप की एक कोडर्स की टीम ने बनाया है। गूगल ने ऐप को शोध के रूप में लॉन्च किया है।
ऐप को इस तरह डिजाइन किया गया है कि आप अपने फोन पर कोडिंग की मूल जानकारी पा सकें। ऐप में कई चैलेंजेस और क्विज हैं, जिन्हें आपको हल करना होगा। ऐप बनाने के पीछे का मकसद लोगों को कोडिंग की बेसिक जानकारी देना है। ऐप में आपको हर रोज थोड़ा-थोड़ा समय देना होगा। यहां कई तरह के क्विज और गेम के माध्यम से आपको कोडिंग की जानकारी दी जाएगी।
एक आधिकारिक बयान में कंपनी की तरफ से कहा गया है कि, ‘कोडिंग एक जरूरी स्किल है, हम चाहते हैं कि हर कोई इस स्किल के बारे में जानकारी रखें’। कंपनी की तरफ से आगे कहा गया कि, ‘ हमने Grasshopperको इसलिए बनाया ताकि यूजर्स को कोडिंग की जानकारी दी जा सके और वो भी आसान और मजेदार तरीके से’
Gmail में होंगे ये 6 बड़े बदलाव
इससे पहले एक रिपोर्ट के मुताबिक गूगल ने माना है कि कंपनी Gmail के नए अपग्रेड को लेकर टेस्टिंग कर रही है। रिपोर्ट में इस बात का भी दावा किया गया है कि जल्द गूगल Gmail का नया अपडेट जारी करेगा।
क्या कहा गूगल ने?
एक मीडिया पोर्टल को दिए बयान में गूगल के एक अधिकारी ने माना कि कंपनी Gmail के नए अपडेट को लेकर काम कर रही है। गूगल के अधिकारी के मुताबिक, ‘Gmail के नए फीचर्स को लेकर काम जारी है, ऐसे में अभी कुछ भी कहना सही नहीं है। हां, हम ये मानते हैं कि Gmail के नए फीचर्स पर हमारी टीम काम कर रही है। अपडेट पूरा होने के बाद हम इसके फीचर्स के बारे में बता सकेंगे।
ये होगा बदलाव
जीमेल के नए अपडेट में यूजर्स को कई नए फीचर्स मिल सकते हैं। अपडेट के बाद जीमेल के नए लुक में यूजर्स गूगल कैलेंडर को सीधे जीमेल से ही एक्सेकस कर सकेंगे। इससे आउटलुक का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को काफी आसानी होगी।
ये होंगे नए फीचर्स- जीमेल के नए अपडेट में यूजर्स को ये नए फीचर्स देखने को मिल सकते हैं।
स्नूज
यूजर किसी भी नए मेल को स्नूजज कर सकेंगे। ये फीचर बिल्कुल अलार्म स्नूज की तरह काम करेगा। इस फीचर की मदद से स्नूज किया ईमेल कुछ देर बाद आपके इन बॉक्स में शो करने लगेगा। इस फीचर के कारण यूजर्स उन मेल को इनबॉक्सज से हटा सकेंगे जिनका रिप्लाकइ वो तुरंत नहीं दे सकते हैं।
ऑटो रिप्लाई
नए अपडेट के बाद आइफोन और एंड्रायड के यूजर्स अपने जीमेल में ऑटो रिप्लाई का ऑप्शरन एक्टिव कर सकेंगे।
ऑफलाइन
जीमेल में फलाइन मेल को भी और बेहतर किया जाएगा। गूगल मैप की तरह ही जीमेल में भी ऑफलाइन फीचर को शानदार बनाने को लेकर गूगल की तरफ से काम किया गया है। हालाकि गूगल की तरफ से नई डिजाइन को लेकर अभी तक कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
एप्स पर पहुंचना होगा आसान
नए अपडेट में यूजर्स को एप्स तक पहुंचने के लिए अपना जीमेल नहीं बंद करना पड़ेगा। बल्कि यूजर्स Gmail से G Suite एप्स पर आसानी से पहुंच सकेंगे।
इन बातों के लिए नहीं करना होगा टाइप
इस अपडेट के बाद यूजर्स को मेल का जवाब देने के लिए टाइप करने की जरुरत नहीं होगी. जीमेल यूजर्स को Thank you, Let’s go जैसे जवाब प्री-टाइप्ड ऑप्शन में मिलेंगे।
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Monday, March 26, 2018

Whatsap एंड्रॉयड बीटा वर्जन पर लाया QR कोड पेमेंट्स फीचर - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

March 26, 2018
Whatsap एंड्रॉयड बीटा वर्जन पर लाया QR कोड पेमेंट्स फीचर - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

व्हाट्सएप के UPI फीचर का यूजर्स को फरवरी महीने से इंतजार था। अब यह पेमेंट फीचर लेटेस्ट एंड्रॉयड बीटा वर्जन पर रोल आउट हो गया है।
एंड्रॉयड बीटा वर्जन के व्हाट्सएप पर QR कोड पेमेंट विकल्प उपलब्ध करा दिया गया है। जैसा कि नाम से पता चलता है, इस फीचर की मदद से QR कोड स्कैन करने पर पेमेंट की जा सकेगी। इससे पेमेंट करना आसान हो जाएगा।
यहां आएगा नया फीचर - 
व्हाट्सएप के लेटेस्ट एंड्रॉयड बीटा वर्जन 2.18.93 पर QR कोड फीचर उपलब्ध करवाया गया है। इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। अगर आपने अपने व्हाट्सएप पर व्हाट्सएप पेमेंट विकल्प को पहले से इनेबल किया हुआ है तो आप सेटिंग्स में पेमेंट्स विकल्प में जा सकते हैं। इसके अंतर्गत स्क्रॉल कर के नए पेमेंट मेथड का चयन किया जा सकता है। यहां आपको दो विकल्प मिलेंगे। 
पहला विकल्प, UPI ID का होगा और दूसरा, स्कैन QR कोड का विकल्प होगा। दूसरे विकल्प का चयन करने के बाद आपके सामने QR कोड स्कैनिंग स्क्रीन आ जाएगी। 
इसके बाद आपसे पूछा जाएगा की आप कितनी राशि भेजना चाहते हैं? इसी के साथ आपसे वेरिफिकेशन के लिए UPI पिन भी मांगा जाएगा।
सेंड टू UPI आईडी फीचर भी उपलब्ध - 
व्हाट्सएप पेमेंट फीचर को फरवरी में एंड्रॉयड यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया था। UPI पर आधारित पेमेंट फीचर की मदद से यूजर्स अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में से लोगों को पैसे भेज सकते हैं।
इस फीचर के रोल आउट के बाद पेटीएम ने व्हाट्सएप पर UPI पेमेंट के दिशानिर्देशों का पालन ना करने का आरोप लगाया था। इस आलोचना के बाद व्हाट्सएप ने UPI ID पेमेंट विकल्प को रोल आउट किया था। इस फीचर को सेंड टू UPI आईडी का नाम दिया गया था।
इस फीचर के तहत यूजर्स सीधा UPI आईडी पर ही पैसे भेज पाएंगे। एक दिन में व्हाट्सएप UPI के जरिये 20 UPI पेमेंट और 1 लाख रुपए तक भेजे जा सकते हैं।
अगर आप व्हाट्सएप QR कोड पेमेंट विकल्प का व्हाट्सएप पर प्रयोग करना चाहते हैं तो आपको गूगल प्ले स्टोर पर जाकर लेटेस्ट वर्जन 2.18.93 डाउलोड करना होगा। अभी के लिए यह फीचर सिर्फ बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध है। उम्मीद है की इसे इसे जल्द ही ऐप के स्टेबल वर्जन पर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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Wednesday, November 15, 2017

आप भी जानिए आखिर कैसे काम करती है स्मार्टफोन की स्क्रीन - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 15, 2017
आप भी जानिए आखिर कैसे काम करती है स्मार्टफोन की स्क्रीन - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

बदलती तकनीक के साथ स्मार्टफोन के डिस्प्ले पैनल्स में भी काफी बदलाव किए गए हैं। फीचर फोन के छोटे से डिस्प्ले से लेकर OLED, AMOLED, POLED, फ्लैक्सीबल, बेंडेबल डिस्प्ले पैनल टर्मिनोलॉजी में कई बदलाव देखे गए हैं।
लेकिन, क्या आपने कभी ये जानने की कोशिश की है कि स्मार्टफोन में दिए जाने वाले इन डिस्प्ले में क्या अंतर है? इस खबर में हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि टचस्क्रीन फोन्स में दी जाने वाली स्क्रीन कितने तरह की होती हैं। इससे पहले हम आपको बताएंगे की स्मार्टफोन स्क्रीन में हुए बदलावों पर टेक एक्सपर्ट का क्या कहना है।
टेक एक्सपर्ट विभा सचदेव के अनुसार, 'मोबाइल की स्क्रीन में जबरदस्त इनोवेशन हुए हैं। जहां पहले औसत स्क्रीन साइज 4.7 इंच लोगों की पसंद माना जाता था। वहीं, अब यूजर्स को 5.5 इंच के स्मार्टफोन ज्यादा पसंद आते हैं। हाई रेजोल्यूशन स्क्रीन्स पर कंपनियां ज्यादा फोक्स कर रही हैं। वहीं, स्क्रीन की पावर एफिशियंसी पर भी उतना ही ध्यान दिया जा रहा है। एक्टिव स्क्रीन के बाद अब लोकप्रियता का अगला स्तर फ्लैक्सीबल डिस्प्ले होगा। इसी के चलते कंपनियां एमोलेड डिस्प्ले को ज्यादा बढ़ावा दे रही हैं।'
जानें कितने तरह की होती हैं स्मार्टफोन स्क्रीन - 
TFT LCD: यह डिस्प्ले यूनिट काफी कॉमन है। इसे कई मोबाइल फोन्स में इस्तेमाल किया जाता है। यह डिस्प्ले बेहतर इमेज क्वालिटी और हाई-रेजोल्यूशन देने में सक्षम है। लेकिन धूप में TFT LCD डिस्प्ले साफ दिखाई नहीं देता है। इन्हें ज्यादातर बजट फोन्स और फीचर फोन्स में ही इस्तेमाल किया जाता है।
IPS-LCD: यह डिस्प्ले बजट से ऊपर के स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल किया जाता है। अगर इसकी तुलना TFT डिस्प्ले से की जाए तो IPS LCD फोन में वाइड एंगल व्यू जैसे अनुभव देता है। साथ ही बैटरी की भी कम खपत होती है। इसका हाई-रेजोल्यूशन 640 x 960 पिक्सल है।
Resistive Touchscreen LCD: टचस्क्रीन LCD डिस्प्ले दो तरह के होते हैं। पहला Resistive और दूसरा Capacitive. Resistive टचस्क्रीन में कंडक्टीव मैटेरियल की दो परत दी गई हैं। जब यूजर द्वारा डिस्प्ले को छुआ जाता है तो ये दोनों परत आपस में मिलती हैं और सर्किट बनाती हैं और ऐसे ही यह स्क्रीन काम करती है।
Capacitive Touchsceen LCD: इसमें ट्रांसपेरेंट कंडक्टर के साथ ग्लास की लेयर दी गई होती है। जब इस स्क्रीन को टच किया जाता है तो स्क्रीन की इलेक्ट्रोस्टैटिक फील्ड में रुकावट आती है जिसे फोन का प्रोसेसर डिटेक्ट करता है और फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम को एक्शन को परफॉर्म करने के लिए निर्देश देता है। Resistive स्क्रीन के मुकाबले यह स्क्रीन ज्यादा रिस्पॉन्सिव है। इसे ज्यादातर हाई-एंड स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल किया जाता है।
OLED: यह मोबाइल और मॉनिटर्स में लगने वाली नई तकनीक से लैस डिस्प्ले है। इस डिस्प्ले में ग्लास टॉप प्लेट और ग्लास बॉटम प्लेट के बीच में ऑरगैनिक मैटेरियल की परत दी गई होती है। जब इन दोनों परतों पर इलेक्ट्रिक पल्स लगाई जाती है तो ऑरगैनिक मैटेरियल से इलेक्ट्रो-ल्यूमिनेससेंट लाइट उत्पन्न होती है। इस पर ही स्क्रीन की ब्राइटनेस और कलर निर्भर होते हैं।
AMOLED: यह डिस्प्ले OLED का ही एक प्रकार है। AMOLED में OLED डिस्प्ले की सभी खासियतें जैसे कलर रिप्रोडक्शन, बेहतर बैटरी लाइफ, हाई ब्राइटनेस और शार्पनेस होती हैं। मौजूदा समय में AMOLED डिस्प्ले का चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है। नोकिय 8 जैसे हाई एंड स्मार्टफोन्स में यह डिस्प्ले दी जा रही है।
Super AMOLED: यह डिस्प्ले AMOLED का ही एडवांस वर्जन है। इसमें टच सेंसर इन बिल्ट होते हैं। मार्किट में मौजूद यह सबसे पतली डिस्प्ले तकनीक है। यह AMOLED डिस्प्ले से कहीं ज्यादा रिस्पॉन्सिव है।
Retina Display: रेटीना डिस्प्ले एक ऐसी टर्म है जो ऐपल ने हाई रेजोल्यूशन (640 x 960) आईपीएस एलसीडी के लिए इस्तेमाल की थी जिसे iPhone4 में इस्तेमाल किया जाता है। इसे रेटीना डिस्प्ले इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके पिकसल्स को व्यक्ति द्वारा पहचाना नहीं जा सकता है।
Haptic/Tactile touchscreen: इस तरह की स्क्रीन का इस्तेमाल ब्लैकबैरी और नोकिया के टचस्क्रीन स्मार्टफोन्स में किया जाता है। यह डिस्प्ले यूजर के परफॉर्मेंस अनुभव और एक्यूरेसी को बेहतर बनाता है।
Gorilla Glass: यह एक अलग तरह का alkali-aluminosilicate ग्लास शील्ड है जिसे डैमेज रेसिस्टेंस बनाया गया है। यह मोबाइल डिस्प्ले को स्क्रैच, टूटने आदि दिक्कतों से बचाता है। कई फोन निर्माता कंपनियां जैसे मोटोरोला, सैमसंग और नोकिया अपने स्मार्टफोन्स को बेहतर बनाने के लिए Gorilla Glass का इस्तेमाल कर रही हैं।
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Monday, November 13, 2017

अब इस मोबाइल ऐप के जरिये मरीज घर बैठे ले पाएंगे डॉक्‍टरी सलाह - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 13, 2017
अब इस मोबाइल ऐप के जरिये मरीज घर बैठे ले पाएंगे डॉक्‍टरी सलाह - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के विशेषज्ञों ने एक ऐसी ऐप तैयार की है जिससे देश या विदेश में बैठे लोग दिल्ली के डॉक्टर्स से परामर्श ले पाएंगे। इस ऐप का नाम My Follow Up है। इस ऐप पर मरीज अपनी क्लीनिकल रिपोर्ट अपलोड कर सकेंगे। साथ ही किफायती शुल्क पर सलाह भी ले पाएंगे।
एक बार डॉक्टर से मिलना होगा जरुरी - 
आपको बता दें कि मरीज जिस बीमारी का इलाज करा रहा है अगर उसे शारीरिक परीक्षण की जरुरत है तो इसके लिए उन्हें एक बार डॉक्टर से मिलना आवश्यक होगा।
गंगाराम अस्पताल में डिपोर्टमेंट आफ मिनिमल एक्सेस एंड बारियाट्रिक सर्जरी सेंटर के को-चेयरमैन डॉ. सुधीर कल्हान ने कहा, 'एक डॉक्टर और एक मरीज के बीच संबंध विश्वास का होता है। हमें इलाज और मरीज के इतिहास की जानकारी होनी चाहिए। हमने ऐसे मरीजों की कई सर्जरी की हैं जो देश के विभिन्न हिस्सों से आते हैं लेकिन अब उन्हें सर्जरी के बाद के इलाज के लिए शारीरिक रूप से मौजूद रहने की जरूरत नहीं है।'

इस ऐप को अभी तक करीब 5 हजार लोगों ने डाउनलोड किया है। वहीं, यहां सर गंगाराम अस्पताल के 200 से ज्यादा डॉक्टर प्रीएप्रूव्ड ऑनलाइन अप्वाइंमेंट के लिए उपलब्ध हैं।
गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद हैं कई अन्य एप्स - 
My Follow Up ऐप के अलावा गूगल प्ले स्टोर पर कई अन्य एप्स भी उपलब्ध हैं जिनकी मदद से मरीज डॉक्टर्स से परामर्श ले सकते हैं। इनमें Practo, Doctor On Demand और DocsApp शामिल हैं। इनके अलावा कई ऐसी एप्स भी हैं जिनपर मरीज का prescription अपलोड कर कम कीमत में दवाइयां खरीदी जा सकती हैं। इनमें Netmeds काफी लोकप्रिय ऐप है।
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सड़क किनारे मिलने वाले सस्ते इयरफोन से करें तौबा, वर्ना हो जाएंगे बहरे - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 13, 2017
सड़क किनारे मिलने वाले सस्ते इयरफोन से करें तौबा, वर्ना हो जाएंगे बहरे - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

हम में से अधिकांश लोग महंगे इयरफोन नहीं खरीदते हैं। ज्यादातर लोग सड़क के किनारों पर लगी दुकानों से सस्ते हेडफोन या इयरफोन खरीद लेते हैं। आखिर कोई क्यों ब्रांडेड इयरफोन पर 400-500 या इससे ज्यादा रुपए खर्च करना चाहेगा, जबकि सड़क किनारे से यह 50 या 100 रुपए में मिल रहा है।
उनकी साउंड क्वालिटी भी इतनी खराब नहीं है। मगर, यदि आप चाहते हैं कि आप बहरेपन का शिकार नहीं हों और लंबे समय तक आपके सुनने की क्षमता अच्छी बनी रहे, तो आपको महंगे इयरफोन पर निवेश करना चाहिए। आज हम आपको बताएंगे कि सस्ते इयरफोन से आपको क्या परेशानी हो सकती हैं...
Distortion
स्ट्रीट साइड इयरफोन में आमतौर पर बहुत अधिक डिस्टॉर्शन होता है। यानी सीधी भाषा में कहें, तो आप जो आवाज सुनना चाहते हैं, वह साफ नहीं सुनाई देती है। इसके लिए आप गाने का वॉल्यूम तेज कर देते हैं, ताकि आपको आवाज साफ सुनाई दे। मगर, तेज आवाज से आपके कान के पर्दे स्थायी रूप से खराब हो सकते हैं और इसका नतीजा आपके सुनने की क्षमता पर पड़ता है। आवाज सुनने की अधिकतम सीमा 85 डेसिबल है। लिहाजा, जब आप इससे तेज आवाज में लंबे समय तक गाना सुनते हैं, तो आपके सुनने की क्षमता खराब हो जाती है।
Unequal Amplification
सस्ते इयरफोन गाने की पिच और वॉल्यूम को समान रूप से नहीं बढ़ाते हैं। यानी गाने की पिच और वॉल्यूम अचानक से बढ़ सकती है, जिससे आपके सुनने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। एमपी3 प्लेयर के साथ सड़क के किनारे मिलने वाले औसत दर्जे के इयरफोन की आवाज 115 डेसिबल तक जा सकती है। रोजाना 15 मिनट तक इतनी तेज आवाज में गाने सुनने से कान में स्थाई रूप से क्षति हो सकती है।
Bad Fit
सस्ते इयरफोन बनाने वाले इसके उत्पादन में अधिक समय और मेहनत नहीं करते हैं। इनकी फिटिंग भी खराब होती है। लिहाजा आवाज को साफ सुनने के लिए आपको आवाज तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जो लंबे समय में आपके सुनने की क्षमता को बुरी तरह से प्रभावित करती है। ऐसे में उम्मीद है कि बेहतरीन आवाज सुनने के लिए आपको अच्छे इयरफोन खरीदने चाहिए।
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Friday, November 10, 2017

अनोखा ऐप, दादा-दादी को याद दिलाएगा दवा लेने का समय - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 10, 2017
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अब बुजुर्गों को अपनी दवाई का क्रम याद रखने की आवश्यकता नहीं है। उनकी रोजाना की दवा का पूरा शिड्यूल याद दिलाने के लिए एक नया मोबाइल एेप्लीकेशन ‘दवाई दोस्त’ शुरू हुआ है।
एेप को इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि यह बुजुर्गों को अपनी दवा लेना भूलने नहीं देता। इस एेप को आर्यमन कुंजरू ने डिजाइन किया है।
एेप को बनाने की प्रेरणा उन्हें अपने परिवार के ही बुजुर्ग सदस्य से मिली, जिनके लिए टेक्नोलॉजी और टच स्क्रीन का इस्तेमाल काफी चुनौती भरा था।
दवाई दोस्त की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह इस्तेमाल करने वाले को वॉयस नोटिफिकेशन के जरिये दवा लेने की याद दिलाता है।


इस वॉयस नोटिफिकेशन को विभिन्न भारतीय भाषाओं में तैयार किया जा रहा है। अभी यह तमिल और हिंदी में उपलब्ध है, मगर जल्दी ही अन्य भाषाओं में भी इसे लाया जा रहा है।
एेप में इस बात की भी सुविधा है कि इसे इस्तेमाल करने वाला अपनी दवा की फोटो भी डाल सकता है या फिर दवा का ब्योरा डालकर उसे लेने का वक्त फोन में डाल सकता है।
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Monday, November 6, 2017

आईफोन यूजर्स सावधान, iOS app चुरा सकता है आपके पर्सनल फोटो और वीडियो - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 06, 2017
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हमें पता है कि आपके पास किस्‍मत से आईफोन है और आप उसे दिखाने का कोई मौका नहीं चूकते लेकिन इन बातों से हटकर कुछ सावधानियां हैं जिन पर ध्‍यान नहीं दिया तो मुश्किल हो सकती है।
अपने आईफोन से निजी पलों को कैद करने से पहले दो बार सोचें। आपका आईफोन आईओएस ऐप आपकी मर्जी के बिना आपके निजी फोटो और वीडियो को क्लिक कर सकता है।
इस प्राइवेसी में दखल का पता चलने पर आईफोन यूजर्स सतर्क हो गए हैं। आस्ट्रियन डेवलपर और गूगल इंजीनियर फेलिक्‍स क्राउज ने अपने ब्‍लॉग में हाल ही में यह बात बताई।
उन्‍होंने इस बात पर जोर दिया कि इसकी प्रोसेस ऐपल साफ्टवेयर के कैमरा हैंडल करने जैसी ही है।
आपने ध्‍यान दिया होगा कि सोशल मीडिया ऐप आपके कैमरे में एक्‍सेस से पहले आपसे परमिशन मांगते हैं, यह ऐप के अंदर चुपके से फोटो लेने की कोशिश होती है।
यह कोई स्‍पैम नहीं बल्कि सोच समझकर बनाया गया ऐपल फीचर है। बताने की ज़रूरत नहीं कि गलत इरादों वाले ऐप इन फीचर्स का मिसयूज कर सकते हैं।
ध्‍यान रखने लायक कुछ जरूरी बातें
- आपका आईफोन कैमरे को चुपचाप ऑन कर देगा और इसके बाद ऐप किसी भी समय फ्रंट और बैक कैमरे तक पहुंच सकते हैं।
- जब ऐप आपके डेस्‍कटॉप पर हो तो यह किसी भी पल को फोटो या वीडियो से कैप्‍चर कर सकता है।
- यह रिकार्ड किए गए डेटा को तुरंत अपलोड कर देगा और आप कुछ नहीं कर पाएंगे।
- आपका आईफोन आपके फेस एक्‍सप्रेशन को भी कैप्‍चर कर सकता है।
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फेसबुक टैगिंग से परेशान लोगों के लिए अचूक हैं ये टिप्स, आजमाकर देखिए - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 06, 2017
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फेसबुक सोशल मीडिया के प्रमुख प्लेटफॉर्म में से एक माना जाता है। वर्तमान समय में दुनिया के अधिकांश लोग इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं और वो रोजाना अपने दोस्तों के साथ न सिर्फ फोटो और पोस्ट साझा कर रहे हैं बल्कि कुछ खास फोटो में वो लोगों को टैग भी कर रहे हैं।
हालांकि कुछ लोग इस टैग्स से परेशान हो जाते हैं और उन्हें बिल्कुल भी पसंद नहीं होता कि कोई भी उन्हें किसी फोटो या पोस्ट में टैग करे। अगर आप भी फेसबुक टैगिंग से परेशान रहते हैं तो यह खबर बेशक आपके काम की है।
हम अपनी इस खबर में आपको बताएंगे कि आप फेसबुक की सेटिंग में कुछ बदलाव कर खुद को किसी भी पोस्ट या फोटो में टैग होने से बचा सकते हैं।
जानिए पूरा प्रोसेस -
स्टेप 1- फेसबुक में खुद को टैग होने से रोकने के लिए सबसे पहले फेसबुक पर अपने अकाउंट से लॉगिन करें।
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स्टेप 2- अकाउंट से लॉगिन करने के बाद अपनी प्रोफाइल में दायीं ओर दिए डाउन एरो पर क्लिक कर सेटिंग ऑप्शन को सेलेक्ट करें।
स्टेप 3- इसके बाद सेटिंग में आपको कई ऑप्शन दिखाई देंगे। जिनमें जनरल, सिक्योरिटी और लॉगिन, प्राइवेसी और Timeline & Taging के अलावा कई विकल्प मौजूद होंगे। इन सभी विकल्पों में से आपको टाइमलाइन और टैगिंग ऑप्शन को सेलेक्ट करना होगा।
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स्टेप 4- Timeline & Taging ऑप्शन पर क्लिक करते ही आपको तीन और विकल्प नजर आएंगे। अब आपको तीसरा विकल्प How can I manage tags people add and tagging suggestions? में जाना होगा।
स्टेप 5- अब इसमें दिए गए सबसे पहले ऑप्शन Review tags people add to your own posts before the tags appear on Facebook? पर क्लिक कर इसे ऑन कर दें।
इस प्रोसेस को पूरा करने के बाद जब भी आपका कोई दोस्त आपको किसी पोस्ट या फोटो में टैग करेगा, तो आपको नोटिफिकेशन मिल जाएगा। अब अगर आप चाहें तो उस पोस्ट को अपनी टाइमलाइन पर अलाऊ या डिलीट कर सकते हैं।
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डाउन होते ही सामने आई व्हाट्सएप की यह बड़ी खामी - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 06, 2017
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सोशल मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप शुक्रवार को चंद मिनट के लिए बंद क्या हुआ, पूरी दुनिया में हंगामा मच गया। यूजर्स न मोबाइल, न डेस्कटॉप पर व्हाट्सएप एक्सेस कर पा रहे थे। इससे उनकी बेचैनी बढ़ गई।
शुरू में लोगों को लगा कि इंटरनेट कनेक्शन की गड़बड़ी से ऐसा हो रहा है, लेकिन फिर खबर आई कि व्हाट्सएप का सर्वर डाउन हुआ है। हालांकि जल्द ही सेवा सामान्य हो गई।
बहरहाल, इस घटनाक्रम के बहाने व्हाट्सएप की दो बड़ी खामियां सामने आई हैं। आमतौर पर फेसबुक और तमाम बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों के वेब पेज होते हैं, जहां वे अपनी यूजर्स से कम्युनिकेशन बनाए रखती हैं।
व्हाट्सएप के पास ऐसा कोई पेज नहीं है, जहां सर्वर डाउन होने या दूसरी जानकारी दी जा सके। दूसरी खामी व्हाट्सएप के ट्विटर पेज को लेकर है।
ब्रिटेन की वेबसाइट http://www.independent.co.uk के अनुसार, व्हाट्सएप का ऑफिशियल ट्विटर हैंडल भी है, लेकिन लगता है कि कंपनी वह अकाउंट बनाकर भूल गई है। कारण - 2014 के बाद से वहां कोई ट्वीट नहीं हुआ है।
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इन टिप्स के जरिये आप फेसबुक, व्हाट्सऐप पर बचा सकते हैं मोबाइल डाटा - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 06, 2017
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स्मार्टफोन यूजर्स सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में फोन पर फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप जैसी सोशल मीडिया ऐप्स के इस्तेमाल से डाटा की खपत ज्यादा होती है।
अपने फोन में डाटा की खर्च को कम करने के लिए कुछ आसान तरीके आप अपना सकते हैं। इन तरीकों को अपनाकर आप मोबाइल डाटा की खपत को नियंत्रित रख सकते हैं।
फेसबुक सेटिंग में ऐसे करें बदलाव-
फेसबुक का इस्तेमाल करते समय आपने ध्यान दिया होगा कि इस सोशल साइट पर वीडियो सामने आते ही ऑटोमेटिक प्ले होने लगता है। इससे आपका डाटा ज्यादा खर्च होता है।
ऐसे में डाटा को सेव करने के लिए आपको ऐप की सेटिंग में जाकर कुछ बदलाव करने होंगे। इसके लिए सबसे पहले फेसबुक ऐप में जाएं जहां आपको तीन डॉट नजर आएंगे, उस पर क्लिक करें। यहां आप सेटिंग में जाएं। सेटिंग में नीचे स्क्रॉल करते हुए आपको वीडियो ऑटो प्ले का ऑप्शन मिलेगा। इस ऑप्शन में WiFi Only को सेलेक्ट करें या इसे ऑफ कर दें। इससे आपके फोन में फेसबुक से ज्यादा डाटा खर्च नहीं होगा।
व्हाट्सऐप की सेटिंग बदलकर बचाएं डाटा-
व्हाट्सऐप का इस्तेमाल तो हम सभी दिनभर करते हैं। इससे भी डाटा की खपत ज्यादा होती है। इसके लिए यूजर्स को व्हाट्सऐप सेटिंग में जाना होगा। इसके बाद डाटा यूसेज पर टैप करें और लो डाटा यूसेज को ऑन कर दें।

इसके अलावा, एक और तरीके से आप अपने डाटा को बचा सकते हैं।
इसके लिए व्हाट्सऐप की सेटिंग में जाना होगा। इसमें आपको डाटा यूज पर टैप करना होगा जिसमें आपको कई विकल्प नजर आएंगे। इसमें आपको पहले ऑप्शन ऑटो मीडिया डाउनलोड पर क्लिक करना होगा।
यहां आपको दो और विकल्प दिखेंगे, जिसमें आपको वाई-फाई का ऑप्शन चुनना होगा। इससे आपके व्हाट्सऐप पर आने वाले वीडियो या इमेज अपने आप डाउनलोड नहीं होंगे। ऐसा करने से आपके फोन में सिर्फ वही डाउलोड होगा जो आप चाहते हैं।
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Friday, November 3, 2017

आधार वेरिफाइड है तो अब एक माह में बुक करें 12 रेल टिकट - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 03, 2017
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आधार कार्ड है तो अब आपके लिए रेल यात्रा करना और आसान हो जाएगा। आईआरसीटीसी ने रेल टिकट बुकिंग के लिए आधार वेरिफिकेशन करने पर 1 महीने के अंदर 12 टिकट बुक कराने की छूट दे दी है। अब तक आधार वेरिफिकेशन कराने पर ऑनलाइन टिकट बुकिंग में संख्या 6 थी।
आईआरसीटीसी ने अब अपने पोर्टल पर आधार नंबर अपलोड करने की सुविधा भी दे दी है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि ऑनलाइन टिकट के लिए आधार अनिवार्य नहीं किया गया है, लेकिन बिना आधार कार्ड की सूचना दिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग में हर व्यक्ति एक महीने में छठ टिकट बुक करा सकता है।
ऐसे अपडेट करें अपना आधार नंबर

  • आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर आधार अपलोड या अपडेट करने के लिए माय प्रोफाइल कैटेगरी में जाएओं। यहां आधार केवाईसी पर क्लिक करें।
  • वेरिफिकेशन के दौरान आधार से जुड़े हुए मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाता है। ओटीपी को वेबसाइट पर दर्ज करने पर आधार कार्ड का वेरिफिकेशन हो जाता है।
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बिना बिजली और सेंसर के कपड़ों में खुफिया तरीके से स्टोर होगा डाटा - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 03, 2017
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आपने जेम्स बॉन्ड की फिल्में तो जरुर देखी होंगी। इनमें तरह-तरह के आधुनिक गैजेट्स ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा है। मगर फिल्मों में भी अब तक ऐसी कल्पना नहीं की जा सकी कि हार्ड डिस्क या पेन ड्राइव में स्टोर होने वाला डाटा आपके कपड़ों में स्टोर हो सके।
इस अकल्पनीय चीज को वैज्ञानिकों ने साकार कर दिखाया है। उन्होंने ऐसा स्मार्ट फैब्रिक विकसित करने में सफलता हासिल की है, जिसे आप फैशन एक्सेसरीज की तरह अपने ऑफिस में भी पहन सकेंगे। इसमें सबसे अहम चीज यह है कि बिना बिजली या किसी सेंसर का प्रयोग किए, इनमें गुप्त तरीके से डाटा सुरक्षित रखा जा सकेगा।
प्रवाहकीय धागे में चुंबकीय गुण-
वर्तमान में लोग प्रवाहकीय धागे और कढ़ाई वाले धागे के संयोजन से बने कपड़े पहनते हैं। वैज्ञानिकों ने विचार किया कि इन प्रवाहकीय धागों में चुंबकीय गुण भी पाया जाता है। इस कारण इनमें शब्दों या अंकों के रूप में डिजिटल डेटा या दृश्य सूचनाओं को संग्रहित किया जा सकता है और उसमें फेरबदल भी किया जा सकता है।
इस डाटा को मैग्नेटोमीटर के जरिये रीड कर सकते हैं। मैग्नेटोमीटर वैसे भी बहुत सस्ता उपकरण होता है, जो ज्यादातर स्मार्टफोन में मैग्नेटिक फील्ड की दिशा और मजबूती मापने के लिए लगा होता है।
नहीं लगेगा बिजली का झटका-
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन में एसोसिएट प्रोफेसर श्याम गोलकोटा के मुताबिक, हमारे द्वारा तैयार किया गया फैब्रिक पूर्ण रूप से बिजली से मुक्त है। यानी इसे आप आसानी से प्रेस कर सकते हैं। धोकर सुखा भी सकते हैं और आपको बिजली का झटका नहीं लगेगा।
नाममात्र की कीमत में डाटा होगा स्टोर-
श्याम के मुताबिक, हमने इसे तैयार करने के लिए ऐसी चीज का प्रयोग किया है, जो स्मार्टफोन में पहले से ही मौजूद होती है। साथ ही यह लगभग शून्य बिजली लेती है और इसी वजह से इसमें डाटा स्टोर करने की कीमत बहुत काम आती है।
ऐसे किया जा सकेगा इस्तेमाल-
शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस फैब्रिक की संभावनाएं अनंत हैं। इसका कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल उन्होंने इसके प्रयोग के लिए एक उदाहरण दिया है।
शोधकर्ताओं ने एक इलेक्ट्रिक दरवाजे में एक पासकोड स्टोर किया। इसके बाद इस स्मार्ट फैब्रिक को कमीज के कफ पर सिल दिया। फिर दरवाजा खोलने के लिए केवल मैग्नेटोमीटर के आगे हाथ हिलाने की जरूरत थी और दरवाजा खुल गया। उन्होंने इस स्मार्ट फैब्रिक को सिलने के लिए पारंपरिक सिलाई मशीन का ही प्रयोग किया।
दरअसल, वे ये बताना चाहते थे कि इसका प्रयोग बहुत आसान है। इसमें किसी तार आदि का प्रयोग नहीं किया गया है। फिलहाल वैज्ञानिक इस दिशा में काम कर रहे हैं कि होटल में कार्ड की (चाबी) की जगह इसका प्रयोग किया जा सके।
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डाउन होते ही सामने आई व्हाट्सएप की यह बड़ी खामी - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 03, 2017
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सोशल मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप शुक्रवार को चंद मिनट के लिए बंद क्या हुआ, पूरी दुनिया में हंगामा मच गया। यूजर्स न मोबाइल, न डेस्कटॉप पर व्हाट्सएप एक्सेस कर पा रहे थे। इससे उनकी बेचैनी बढ़ गई।
शुरू में लोगों को लगा कि इंटरनेट कनेक्शन की गड़बड़ी से ऐसा हो रहा है, लेकिन फिर खबर आई कि व्हाट्सएप का सर्वर डाउन हुआ है। हालांकि जल्द ही सेवा सामान्य हो गई।
बहरहाल, इस घटनाक्रम के बहाने व्हाट्सएप की दो बड़ी खामियां सामने आई हैं। आमतौर पर फेसबुक और तमाम बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों के वेब पेज होते हैं, जहां वे अपनी यूजर्स से कम्युनिकेशन बनाए रखती हैं।

व्हाट्सएप के पास ऐसा कोई पेज नहीं है, जहां सर्वर डाउन होने या दूसरी जानकारी दी जा सके। दूसरी खामी व्हाट्सएप के ट्विटर पेज को लेकर है।
ब्रिटेन की वेबसाइट http://www.independent.co.uk के अनुसार, व्हाट्सएप का ऑफिशियल ट्विटर हैंडल भी है, लेकिन लगता है कि कंपनी वह अकाउंट बनाकर भूल गई है। कारण - 2014 के बाद से वहां कोई ट्वीट नहीं हुआ है।
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Thursday, November 2, 2017

पार्टनर पर नहीं है भरोसा तो इन ऐप के जरिये रखें नजर - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 02, 2017

क्या आपको अपने पार्टनर पर शक है? क्या आपको लगता है कि आपका पार्टनर आपको धोखा दे रहा है? अगर आप 24 घंटे अपने पार्टनर पर नजर नहीं रख सकते तो बाजार में उपलब्ध कुछ ऐप्स आपकी इसमें मदद करेंगी।
हम अपनी इस खबर में आपको कुछ ऐसी ऐप्स के बारे में बता रहे हैं, जो आपको पार्टनर की हर हरकत के बारे में आपको बताएंगी।
Track coupled से रख सकते हैं पार्टनर के फोन पर नजर-
इस ऐप की मदद से आप अपने पार्टनर की कॉल, मैसेज डिटेल्स की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। जीपीएस लोकेशन के अलावा, यह पार्टनर के फोन के सभी इनकमिंग-आउटगोइंग कॉल्स का भी ट्रैक रखता है।
ऐसे काम करता है Couple Monitor-
आपके पार्टनर के फोन कॉल अपडेट्स, टेक्स्ट मेसेज, लोकेशन को ट्रैक करने के लिए आप इस ऐप की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा वीडियोज, फोटोज, ऑडियो रेकॉर्डिंग्स की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।
Find Partner से मिलती है सही लोकेशन-
यह ऐप जीपीएस की मदद से आपके पार्टनर, परिवार या बच्चों के लोकेशन की जानकारी आप तक पहुंचाती है। आपको इस ऐप का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले रजिस्टर करना होगा, जिसके बाद ये आपको समय-समय पर जानकारी मुहैया कराएगी।
Couple Keeper से टेक्स्ट मैसेज का पता लग सकता है-
यह ऐप आपको लोकेशन ट्रैकिंग, एक्टिविटी डिटेल्स आदि की जानकारी देती है। साथ ही, पार्टनर के स्मार्टफोन में टेक्स्ट मैसेज, कॉल हिस्ट्री पर भी नजर रख सकते हैं।
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नहीं बंद होगा JioPhone का प्रोडक्शन, अफवाहों पर कंपनी की सफाई - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 02, 2017

सस्ता फीचर फोन लाकर बाजार में हलचल मचाने वाली रिलायंस जियो ने उन खबरों को अफवाह बताया है, जिसमें ये बताया गया था कि कंपनी इस फीचर फोन का प्रोडक्शन बंद करने जा रही है।

सस्ता फीचर फोन लाकर बाजार में हलचल मचाने वाली रिलायंस जियो ने उन खबरों को अफवाह बताया है, जिसमें ये बताया गया था कि कंपनी इस फीचर फोन का प्रोडक्शन बंद करने जा रही है।
रिलायंस जियो को लेकर कल एक रिपोर्ट में कहा गया था कि जियोफोन के प्रोड्क्शन को बंद कर दिया गया है और कंपनी अपने नए फोन को लाने की तैयारी कर रही है। खबरों में यह भी कहा गया है कि यह डिवाइस जियोफोन की तुलना में सस्ता या फ्री भी हो सकता है, जो कि एंड्रॉयड पर काम करेगा।
आपको बता दें कि मौजूदा समय में जियो फोन फायरफॉक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के वर्जन पर काम करता है। साथ ही, इस फोन के जरिए आप पॉपुलर ऐप्स जैसे कि फेसबुक और व्हाट्सऐप का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।
फैक्टर डेली की रिपोर्ट में किया गया था दावा-
फैक्टर डेली की ओर से आई रिपोर्ट में कहा गया है कि जियो फोन का प्रोडक्शन बंद कर दिया गया है। कंपनी एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर काम करने वाले फीचर फोन को लाने का विचार कर रही है। फैक्टर डेली की तरफ से खबर आने के बाद कई लोगों ने इसके बारे में लिखा था।
जियो ने पेश की सफाई-
रिलायंस जियो ने अपने जारी बयान में बताया कि “जियोफोन जो कि इंडिया का स्मार्टफोन कहा जा रहा है, देश की डिजिटल डिमांड को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी ने आगे बताया कि जियो फोन के बंद होने की सूचना सिर्फ अफवाह है। कंपनी ने पहले चरण में करीब 60 लाख फोन बुक किए हैं और इनकी डिलीवरी जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। इसके साथ ही कंपनी आने वाले कुछ दिनों में दोबारा प्री-बुकिंग भी शुरु करेगी।”
जियो को टक्कर देगा एयरटेल का 4जी फोन-
रिलायंस जियो द्वारा 4जी फीचर फोन पेश किए जाने के बाद अब एयरटेल ने भी अपना नया सस्ता 4जी फोन लॉन्च कर दिया है। एयरटेल ने इसके लिए मोबाइल कंपनी कार्बन से हाथ मिलाया है और महज 1399 रुपए में अपना बजट 4जी फोन पेश किया है। यह फोन जियो फोन को टक्कर देने के लिए लॉन्च किया गया है।

इस फोन को यूजर्स देशभर के किसी भी रिटेल स्टोर से खरीद सकते हैं। ग्राहक इस फोन को 2,849 रुपये में खरीद पाएंगे, जिसके बाद उन्हें एयरटेल की तरफ से 1,500 रुपये का कैशबैक दिया जाएगा।
ऐसे में यूजर्स के लिए इस फोन की कीमत 1,349 रुपये होगी। आपको बता दें कि इस कैशबैक को पाने के लिए यूजर्स को 36 महीने तक हर महीने 169 रुपये का रीचार्ज कराना होगा।
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व्हाट्सएप का डिलीट फॉर आल फीचर हुआ रोल आउट, ऐसे करें यूज - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 02, 2017
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व्हाटस्एप ने हाल में पेश किए अपने डिलीट फॉर ऑल फीचर को आधिकारिक रूप से सभी यूजर्स के लिए जारी कर दिया है। इस फीचर के आने के बाद अब यूजर का उसके द्वारा भेजे जाने वाले मैसेजेस और नियंत्रण और बढ़ जाएगा।
अगर आपने गलती से किसी का मैसेज किसी और को भेज दिया है या ऐसे शख्स को भेज दिया है जिसे आप वो संदेश भेजना नहीं चाहते थे तो यह फीचर आपके बड़े काम आएगा। यह फीचर एंड्रायड के अलावा आईफोन और विंडोज फोन्स के लिए भी उपलब्ध हो गया है। व्हाट्सएप के नए अपडेट में यूजर इसका उपयोग कर सकेंगे।
इस तरह कर सकेंगे उपयोग
इस फीचर का उपयोग करने के लिए आपको कोई विशेष टैब नजर नहीं आएगा। यह बेहद आसान है। अगर आपसे कोई गलत मैसेज चला गया है तो आप उस मैसेज पर जाएं और उसे टैप करके रखें। ऐसा करने पर आपके सामने एक बॉक्स खुलेगा। इस बॉक्स में आपको डिलीट का ऑप्शन दिखेगा। उसे क्लिक करते ही तीन विकल्प नजर आएंगे, डिलीट फॉर मी, कैंसल और डिलीट फॉर ऑल। इस पर क्लिक करते ही आपका भेजा हुआ मैसेज डिलीट हो जाएगा।
इन बातों का रखना होगा ध्यान
इस फीचर को यूज करने के लिए आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान भी रखना होगा। मसलन यह फीचर मैसेज भेजे जाने की 7 मिनट तक ही काम करेगा। उसके बाद आप मैसेज डिलीट नहीं कर सकेंगे। वहीं इस फीचर के लिए यह भी जरूरी है कि जिसे मैसेज भेजा गया है वो भी व्हाट्सएप का लेटेस्ट वर्जन यूज कर रहा हो।
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