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Monday, March 26, 2018

Whatsap एंड्रॉयड बीटा वर्जन पर लाया QR कोड पेमेंट्स फीचर - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

March 26, 2018
Whatsap एंड्रॉयड बीटा वर्जन पर लाया QR कोड पेमेंट्स फीचर - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

व्हाट्सएप के UPI फीचर का यूजर्स को फरवरी महीने से इंतजार था। अब यह पेमेंट फीचर लेटेस्ट एंड्रॉयड बीटा वर्जन पर रोल आउट हो गया है।
एंड्रॉयड बीटा वर्जन के व्हाट्सएप पर QR कोड पेमेंट विकल्प उपलब्ध करा दिया गया है। जैसा कि नाम से पता चलता है, इस फीचर की मदद से QR कोड स्कैन करने पर पेमेंट की जा सकेगी। इससे पेमेंट करना आसान हो जाएगा।
यहां आएगा नया फीचर - 
व्हाट्सएप के लेटेस्ट एंड्रॉयड बीटा वर्जन 2.18.93 पर QR कोड फीचर उपलब्ध करवाया गया है। इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। अगर आपने अपने व्हाट्सएप पर व्हाट्सएप पेमेंट विकल्प को पहले से इनेबल किया हुआ है तो आप सेटिंग्स में पेमेंट्स विकल्प में जा सकते हैं। इसके अंतर्गत स्क्रॉल कर के नए पेमेंट मेथड का चयन किया जा सकता है। यहां आपको दो विकल्प मिलेंगे। 
पहला विकल्प, UPI ID का होगा और दूसरा, स्कैन QR कोड का विकल्प होगा। दूसरे विकल्प का चयन करने के बाद आपके सामने QR कोड स्कैनिंग स्क्रीन आ जाएगी। 
इसके बाद आपसे पूछा जाएगा की आप कितनी राशि भेजना चाहते हैं? इसी के साथ आपसे वेरिफिकेशन के लिए UPI पिन भी मांगा जाएगा।
सेंड टू UPI आईडी फीचर भी उपलब्ध - 
व्हाट्सएप पेमेंट फीचर को फरवरी में एंड्रॉयड यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया था। UPI पर आधारित पेमेंट फीचर की मदद से यूजर्स अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में से लोगों को पैसे भेज सकते हैं।
इस फीचर के रोल आउट के बाद पेटीएम ने व्हाट्सएप पर UPI पेमेंट के दिशानिर्देशों का पालन ना करने का आरोप लगाया था। इस आलोचना के बाद व्हाट्सएप ने UPI ID पेमेंट विकल्प को रोल आउट किया था। इस फीचर को सेंड टू UPI आईडी का नाम दिया गया था।
इस फीचर के तहत यूजर्स सीधा UPI आईडी पर ही पैसे भेज पाएंगे। एक दिन में व्हाट्सएप UPI के जरिये 20 UPI पेमेंट और 1 लाख रुपए तक भेजे जा सकते हैं।
अगर आप व्हाट्सएप QR कोड पेमेंट विकल्प का व्हाट्सएप पर प्रयोग करना चाहते हैं तो आपको गूगल प्ले स्टोर पर जाकर लेटेस्ट वर्जन 2.18.93 डाउलोड करना होगा। अभी के लिए यह फीचर सिर्फ बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध है। उम्मीद है की इसे इसे जल्द ही ऐप के स्टेबल वर्जन पर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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Wednesday, November 15, 2017

आप भी जानिए आखिर कैसे काम करती है स्मार्टफोन की स्क्रीन - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 15, 2017
आप भी जानिए आखिर कैसे काम करती है स्मार्टफोन की स्क्रीन - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

बदलती तकनीक के साथ स्मार्टफोन के डिस्प्ले पैनल्स में भी काफी बदलाव किए गए हैं। फीचर फोन के छोटे से डिस्प्ले से लेकर OLED, AMOLED, POLED, फ्लैक्सीबल, बेंडेबल डिस्प्ले पैनल टर्मिनोलॉजी में कई बदलाव देखे गए हैं।
लेकिन, क्या आपने कभी ये जानने की कोशिश की है कि स्मार्टफोन में दिए जाने वाले इन डिस्प्ले में क्या अंतर है? इस खबर में हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि टचस्क्रीन फोन्स में दी जाने वाली स्क्रीन कितने तरह की होती हैं। इससे पहले हम आपको बताएंगे की स्मार्टफोन स्क्रीन में हुए बदलावों पर टेक एक्सपर्ट का क्या कहना है।
टेक एक्सपर्ट विभा सचदेव के अनुसार, 'मोबाइल की स्क्रीन में जबरदस्त इनोवेशन हुए हैं। जहां पहले औसत स्क्रीन साइज 4.7 इंच लोगों की पसंद माना जाता था। वहीं, अब यूजर्स को 5.5 इंच के स्मार्टफोन ज्यादा पसंद आते हैं। हाई रेजोल्यूशन स्क्रीन्स पर कंपनियां ज्यादा फोक्स कर रही हैं। वहीं, स्क्रीन की पावर एफिशियंसी पर भी उतना ही ध्यान दिया जा रहा है। एक्टिव स्क्रीन के बाद अब लोकप्रियता का अगला स्तर फ्लैक्सीबल डिस्प्ले होगा। इसी के चलते कंपनियां एमोलेड डिस्प्ले को ज्यादा बढ़ावा दे रही हैं।'
जानें कितने तरह की होती हैं स्मार्टफोन स्क्रीन - 
TFT LCD: यह डिस्प्ले यूनिट काफी कॉमन है। इसे कई मोबाइल फोन्स में इस्तेमाल किया जाता है। यह डिस्प्ले बेहतर इमेज क्वालिटी और हाई-रेजोल्यूशन देने में सक्षम है। लेकिन धूप में TFT LCD डिस्प्ले साफ दिखाई नहीं देता है। इन्हें ज्यादातर बजट फोन्स और फीचर फोन्स में ही इस्तेमाल किया जाता है।
IPS-LCD: यह डिस्प्ले बजट से ऊपर के स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल किया जाता है। अगर इसकी तुलना TFT डिस्प्ले से की जाए तो IPS LCD फोन में वाइड एंगल व्यू जैसे अनुभव देता है। साथ ही बैटरी की भी कम खपत होती है। इसका हाई-रेजोल्यूशन 640 x 960 पिक्सल है।
Resistive Touchscreen LCD: टचस्क्रीन LCD डिस्प्ले दो तरह के होते हैं। पहला Resistive और दूसरा Capacitive. Resistive टचस्क्रीन में कंडक्टीव मैटेरियल की दो परत दी गई हैं। जब यूजर द्वारा डिस्प्ले को छुआ जाता है तो ये दोनों परत आपस में मिलती हैं और सर्किट बनाती हैं और ऐसे ही यह स्क्रीन काम करती है।
Capacitive Touchsceen LCD: इसमें ट्रांसपेरेंट कंडक्टर के साथ ग्लास की लेयर दी गई होती है। जब इस स्क्रीन को टच किया जाता है तो स्क्रीन की इलेक्ट्रोस्टैटिक फील्ड में रुकावट आती है जिसे फोन का प्रोसेसर डिटेक्ट करता है और फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम को एक्शन को परफॉर्म करने के लिए निर्देश देता है। Resistive स्क्रीन के मुकाबले यह स्क्रीन ज्यादा रिस्पॉन्सिव है। इसे ज्यादातर हाई-एंड स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल किया जाता है।
OLED: यह मोबाइल और मॉनिटर्स में लगने वाली नई तकनीक से लैस डिस्प्ले है। इस डिस्प्ले में ग्लास टॉप प्लेट और ग्लास बॉटम प्लेट के बीच में ऑरगैनिक मैटेरियल की परत दी गई होती है। जब इन दोनों परतों पर इलेक्ट्रिक पल्स लगाई जाती है तो ऑरगैनिक मैटेरियल से इलेक्ट्रो-ल्यूमिनेससेंट लाइट उत्पन्न होती है। इस पर ही स्क्रीन की ब्राइटनेस और कलर निर्भर होते हैं।
AMOLED: यह डिस्प्ले OLED का ही एक प्रकार है। AMOLED में OLED डिस्प्ले की सभी खासियतें जैसे कलर रिप्रोडक्शन, बेहतर बैटरी लाइफ, हाई ब्राइटनेस और शार्पनेस होती हैं। मौजूदा समय में AMOLED डिस्प्ले का चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है। नोकिय 8 जैसे हाई एंड स्मार्टफोन्स में यह डिस्प्ले दी जा रही है।
Super AMOLED: यह डिस्प्ले AMOLED का ही एडवांस वर्जन है। इसमें टच सेंसर इन बिल्ट होते हैं। मार्किट में मौजूद यह सबसे पतली डिस्प्ले तकनीक है। यह AMOLED डिस्प्ले से कहीं ज्यादा रिस्पॉन्सिव है।
Retina Display: रेटीना डिस्प्ले एक ऐसी टर्म है जो ऐपल ने हाई रेजोल्यूशन (640 x 960) आईपीएस एलसीडी के लिए इस्तेमाल की थी जिसे iPhone4 में इस्तेमाल किया जाता है। इसे रेटीना डिस्प्ले इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके पिकसल्स को व्यक्ति द्वारा पहचाना नहीं जा सकता है।
Haptic/Tactile touchscreen: इस तरह की स्क्रीन का इस्तेमाल ब्लैकबैरी और नोकिया के टचस्क्रीन स्मार्टफोन्स में किया जाता है। यह डिस्प्ले यूजर के परफॉर्मेंस अनुभव और एक्यूरेसी को बेहतर बनाता है।
Gorilla Glass: यह एक अलग तरह का alkali-aluminosilicate ग्लास शील्ड है जिसे डैमेज रेसिस्टेंस बनाया गया है। यह मोबाइल डिस्प्ले को स्क्रैच, टूटने आदि दिक्कतों से बचाता है। कई फोन निर्माता कंपनियां जैसे मोटोरोला, सैमसंग और नोकिया अपने स्मार्टफोन्स को बेहतर बनाने के लिए Gorilla Glass का इस्तेमाल कर रही हैं।
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Monday, November 13, 2017

अब इस मोबाइल ऐप के जरिये मरीज घर बैठे ले पाएंगे डॉक्‍टरी सलाह - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 13, 2017
अब इस मोबाइल ऐप के जरिये मरीज घर बैठे ले पाएंगे डॉक्‍टरी सलाह - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के विशेषज्ञों ने एक ऐसी ऐप तैयार की है जिससे देश या विदेश में बैठे लोग दिल्ली के डॉक्टर्स से परामर्श ले पाएंगे। इस ऐप का नाम My Follow Up है। इस ऐप पर मरीज अपनी क्लीनिकल रिपोर्ट अपलोड कर सकेंगे। साथ ही किफायती शुल्क पर सलाह भी ले पाएंगे।
एक बार डॉक्टर से मिलना होगा जरुरी - 
आपको बता दें कि मरीज जिस बीमारी का इलाज करा रहा है अगर उसे शारीरिक परीक्षण की जरुरत है तो इसके लिए उन्हें एक बार डॉक्टर से मिलना आवश्यक होगा।
गंगाराम अस्पताल में डिपोर्टमेंट आफ मिनिमल एक्सेस एंड बारियाट्रिक सर्जरी सेंटर के को-चेयरमैन डॉ. सुधीर कल्हान ने कहा, 'एक डॉक्टर और एक मरीज के बीच संबंध विश्वास का होता है। हमें इलाज और मरीज के इतिहास की जानकारी होनी चाहिए। हमने ऐसे मरीजों की कई सर्जरी की हैं जो देश के विभिन्न हिस्सों से आते हैं लेकिन अब उन्हें सर्जरी के बाद के इलाज के लिए शारीरिक रूप से मौजूद रहने की जरूरत नहीं है।'

इस ऐप को अभी तक करीब 5 हजार लोगों ने डाउनलोड किया है। वहीं, यहां सर गंगाराम अस्पताल के 200 से ज्यादा डॉक्टर प्रीएप्रूव्ड ऑनलाइन अप्वाइंमेंट के लिए उपलब्ध हैं।
गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद हैं कई अन्य एप्स - 
My Follow Up ऐप के अलावा गूगल प्ले स्टोर पर कई अन्य एप्स भी उपलब्ध हैं जिनकी मदद से मरीज डॉक्टर्स से परामर्श ले सकते हैं। इनमें Practo, Doctor On Demand और DocsApp शामिल हैं। इनके अलावा कई ऐसी एप्स भी हैं जिनपर मरीज का prescription अपलोड कर कम कीमत में दवाइयां खरीदी जा सकती हैं। इनमें Netmeds काफी लोकप्रिय ऐप है।
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सड़क किनारे मिलने वाले सस्ते इयरफोन से करें तौबा, वर्ना हो जाएंगे बहरे - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 13, 2017
सड़क किनारे मिलने वाले सस्ते इयरफोन से करें तौबा, वर्ना हो जाएंगे बहरे - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

हम में से अधिकांश लोग महंगे इयरफोन नहीं खरीदते हैं। ज्यादातर लोग सड़क के किनारों पर लगी दुकानों से सस्ते हेडफोन या इयरफोन खरीद लेते हैं। आखिर कोई क्यों ब्रांडेड इयरफोन पर 400-500 या इससे ज्यादा रुपए खर्च करना चाहेगा, जबकि सड़क किनारे से यह 50 या 100 रुपए में मिल रहा है।
उनकी साउंड क्वालिटी भी इतनी खराब नहीं है। मगर, यदि आप चाहते हैं कि आप बहरेपन का शिकार नहीं हों और लंबे समय तक आपके सुनने की क्षमता अच्छी बनी रहे, तो आपको महंगे इयरफोन पर निवेश करना चाहिए। आज हम आपको बताएंगे कि सस्ते इयरफोन से आपको क्या परेशानी हो सकती हैं...
Distortion
स्ट्रीट साइड इयरफोन में आमतौर पर बहुत अधिक डिस्टॉर्शन होता है। यानी सीधी भाषा में कहें, तो आप जो आवाज सुनना चाहते हैं, वह साफ नहीं सुनाई देती है। इसके लिए आप गाने का वॉल्यूम तेज कर देते हैं, ताकि आपको आवाज साफ सुनाई दे। मगर, तेज आवाज से आपके कान के पर्दे स्थायी रूप से खराब हो सकते हैं और इसका नतीजा आपके सुनने की क्षमता पर पड़ता है। आवाज सुनने की अधिकतम सीमा 85 डेसिबल है। लिहाजा, जब आप इससे तेज आवाज में लंबे समय तक गाना सुनते हैं, तो आपके सुनने की क्षमता खराब हो जाती है।
Unequal Amplification
सस्ते इयरफोन गाने की पिच और वॉल्यूम को समान रूप से नहीं बढ़ाते हैं। यानी गाने की पिच और वॉल्यूम अचानक से बढ़ सकती है, जिससे आपके सुनने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। एमपी3 प्लेयर के साथ सड़क के किनारे मिलने वाले औसत दर्जे के इयरफोन की आवाज 115 डेसिबल तक जा सकती है। रोजाना 15 मिनट तक इतनी तेज आवाज में गाने सुनने से कान में स्थाई रूप से क्षति हो सकती है।
Bad Fit
सस्ते इयरफोन बनाने वाले इसके उत्पादन में अधिक समय और मेहनत नहीं करते हैं। इनकी फिटिंग भी खराब होती है। लिहाजा आवाज को साफ सुनने के लिए आपको आवाज तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जो लंबे समय में आपके सुनने की क्षमता को बुरी तरह से प्रभावित करती है। ऐसे में उम्मीद है कि बेहतरीन आवाज सुनने के लिए आपको अच्छे इयरफोन खरीदने चाहिए।
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Friday, November 3, 2017

आधार वेरिफाइड है तो अब एक माह में बुक करें 12 रेल टिकट - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 03, 2017
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आधार कार्ड है तो अब आपके लिए रेल यात्रा करना और आसान हो जाएगा। आईआरसीटीसी ने रेल टिकट बुकिंग के लिए आधार वेरिफिकेशन करने पर 1 महीने के अंदर 12 टिकट बुक कराने की छूट दे दी है। अब तक आधार वेरिफिकेशन कराने पर ऑनलाइन टिकट बुकिंग में संख्या 6 थी।
आईआरसीटीसी ने अब अपने पोर्टल पर आधार नंबर अपलोड करने की सुविधा भी दे दी है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि ऑनलाइन टिकट के लिए आधार अनिवार्य नहीं किया गया है, लेकिन बिना आधार कार्ड की सूचना दिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग में हर व्यक्ति एक महीने में छठ टिकट बुक करा सकता है।
ऐसे अपडेट करें अपना आधार नंबर

  • आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर आधार अपलोड या अपडेट करने के लिए माय प्रोफाइल कैटेगरी में जाएओं। यहां आधार केवाईसी पर क्लिक करें।
  • वेरिफिकेशन के दौरान आधार से जुड़े हुए मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाता है। ओटीपी को वेबसाइट पर दर्ज करने पर आधार कार्ड का वेरिफिकेशन हो जाता है।
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भारत में iPhone X की एंट्री आज, इसलिए है खास - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 03, 2017
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आईफोन के दीवानों के लिए खुशखबरी है। भारत में आईफोन एक्स की एंट्री 3 नवंबर से होने जा रही है। यह स्मार्टफोन दो वैरिएंट (64 और 256 जीबी) और दो रंगों (स्पेस ग्रे और सिल्वर) के साथ क्रमश: 89,000 रुपए और 1,02,000 रुपए में पेश किया गया है।
ऐपल ने आईफोन 10 या X को कुछ नई टेक्नॉलजीज के साथ पेश किया है, जो इसे खास और अन्य फोन्स से अलग बनाता है। जानें इसकी खूबियों के बारे में -
- ऐपल आईफोन-10 का डिजाइन इसे खास बनाता है। स्क्रीन को Edges तक फैला दिया गया है। इसकी वजह से फिंगरप्रिंट स्कैनर यानि होम बटन हटा दिया गया है। इसकी 5.8 इंच का स्क्रीन साइज भी कई लोगों को आकर्षित करेगा।
- फोन में होम बटन के ना होने से इंटरफेस पर काम करने का तरीका बदल जाएगा। चाहे आप किसी भी ऐप पर काम कर रहे हो, बस ऊपर की तरफ स्वैप करने पर होम स्क्रीन आ जाएगी।
- एक से दूसरी एेप में जाने के लिए आपको ऊपर की ओर स्वाइप कर के होल्ड करना होगा, इससे आपके सामने मल्टी-टास्किंग कार्ड आ जाएगा।
- कंट्रोल सेंटर के लिए ऊपर से नीचे की ओर स्वाइप करना होगा। हालांकि, आईफोन यूजर्स को होम बटन के चले जाने से थोड़ी दिक्कत जरूर होगी।
- आईफोन में फेस आईडी की सेटिंग्स करना सबसे आसान है। इसकी सेटिंग करने में आपको एक मिनट से भी कम समय लगेगा।
- ऐपल आईडी सेटअप और पासकोड एेड करने के बाद आप अपना चेहरा रजिस्टर कर सकते हैं। आपको बस कैमरा में सीधा देखना होगा और बताई जा रही दिशा में चेहरे को ट्विस्ट करना होगा। हर डिवाइस पर एक ही चेहरे को सेट किया जा सकता है।
- ऐपल का फेस आईडी फीचर सामान्य फेस अनलॉक से कई अधिक बेहतर और अलग है। फेस अनलॉक में आपकी फोटो को सामने रख कर भी लॉक खोला जा सकता है।
- इसे इतना सुरक्षित नहीं माना जाता, लेकिन आईफोन का फेस आईडी फीचर फ्रंट कैमरा, इंफ्रारेड कैमरा, फ्लड इल्युमिनेटर और डॉट प्रोजेक्टर का इस्तेमाल कर कार्य करता है। यह सुरक्षित होने के साथ-साथ एक्यूरेट भी है। इसे अंधेरे में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
- ऐपल के इस फोन पर रियर ड्यूल कैमरा सिस्टम दिया गया है। इसके कैमरा से कम रोशनी में भी अच्छी क्वालिटी की पिक्चर्स आती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके दोनों लेंसेज में ऑप्टिकल इमेज स्टैबलाइजेशन है।
- इसमें पोर्ट्रेट मोड, पोर्ट्रेट लाइटनिंग, 20fps स्लो मोशन 1080p वीडियो और 60fps 4k रिजोल्यूशन वीडियो जैसे फीचर्स दिए गए हैं।
- ये सभी फीचर्स फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी का एक स्तर बढ़ा देते हैं। इससे वो सभी काम किए जा सकते हैं, जो यूजर्स किसी प्रोफेशनल कैमरा से कर सकते हैं।
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बिना बिजली और सेंसर के कपड़ों में खुफिया तरीके से स्टोर होगा डाटा - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 03, 2017
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आपने जेम्स बॉन्ड की फिल्में तो जरुर देखी होंगी। इनमें तरह-तरह के आधुनिक गैजेट्स ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा है। मगर फिल्मों में भी अब तक ऐसी कल्पना नहीं की जा सकी कि हार्ड डिस्क या पेन ड्राइव में स्टोर होने वाला डाटा आपके कपड़ों में स्टोर हो सके।
इस अकल्पनीय चीज को वैज्ञानिकों ने साकार कर दिखाया है। उन्होंने ऐसा स्मार्ट फैब्रिक विकसित करने में सफलता हासिल की है, जिसे आप फैशन एक्सेसरीज की तरह अपने ऑफिस में भी पहन सकेंगे। इसमें सबसे अहम चीज यह है कि बिना बिजली या किसी सेंसर का प्रयोग किए, इनमें गुप्त तरीके से डाटा सुरक्षित रखा जा सकेगा।
प्रवाहकीय धागे में चुंबकीय गुण-
वर्तमान में लोग प्रवाहकीय धागे और कढ़ाई वाले धागे के संयोजन से बने कपड़े पहनते हैं। वैज्ञानिकों ने विचार किया कि इन प्रवाहकीय धागों में चुंबकीय गुण भी पाया जाता है। इस कारण इनमें शब्दों या अंकों के रूप में डिजिटल डेटा या दृश्य सूचनाओं को संग्रहित किया जा सकता है और उसमें फेरबदल भी किया जा सकता है।
इस डाटा को मैग्नेटोमीटर के जरिये रीड कर सकते हैं। मैग्नेटोमीटर वैसे भी बहुत सस्ता उपकरण होता है, जो ज्यादातर स्मार्टफोन में मैग्नेटिक फील्ड की दिशा और मजबूती मापने के लिए लगा होता है।
नहीं लगेगा बिजली का झटका-
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन में एसोसिएट प्रोफेसर श्याम गोलकोटा के मुताबिक, हमारे द्वारा तैयार किया गया फैब्रिक पूर्ण रूप से बिजली से मुक्त है। यानी इसे आप आसानी से प्रेस कर सकते हैं। धोकर सुखा भी सकते हैं और आपको बिजली का झटका नहीं लगेगा।
नाममात्र की कीमत में डाटा होगा स्टोर-
श्याम के मुताबिक, हमने इसे तैयार करने के लिए ऐसी चीज का प्रयोग किया है, जो स्मार्टफोन में पहले से ही मौजूद होती है। साथ ही यह लगभग शून्य बिजली लेती है और इसी वजह से इसमें डाटा स्टोर करने की कीमत बहुत काम आती है।
ऐसे किया जा सकेगा इस्तेमाल-
शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस फैब्रिक की संभावनाएं अनंत हैं। इसका कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल उन्होंने इसके प्रयोग के लिए एक उदाहरण दिया है।
शोधकर्ताओं ने एक इलेक्ट्रिक दरवाजे में एक पासकोड स्टोर किया। इसके बाद इस स्मार्ट फैब्रिक को कमीज के कफ पर सिल दिया। फिर दरवाजा खोलने के लिए केवल मैग्नेटोमीटर के आगे हाथ हिलाने की जरूरत थी और दरवाजा खुल गया। उन्होंने इस स्मार्ट फैब्रिक को सिलने के लिए पारंपरिक सिलाई मशीन का ही प्रयोग किया।
दरअसल, वे ये बताना चाहते थे कि इसका प्रयोग बहुत आसान है। इसमें किसी तार आदि का प्रयोग नहीं किया गया है। फिलहाल वैज्ञानिक इस दिशा में काम कर रहे हैं कि होटल में कार्ड की (चाबी) की जगह इसका प्रयोग किया जा सके।
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Thursday, November 2, 2017

नहीं बंद होगा JioPhone का प्रोडक्शन, अफवाहों पर कंपनी की सफाई - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 02, 2017

सस्ता फीचर फोन लाकर बाजार में हलचल मचाने वाली रिलायंस जियो ने उन खबरों को अफवाह बताया है, जिसमें ये बताया गया था कि कंपनी इस फीचर फोन का प्रोडक्शन बंद करने जा रही है।

सस्ता फीचर फोन लाकर बाजार में हलचल मचाने वाली रिलायंस जियो ने उन खबरों को अफवाह बताया है, जिसमें ये बताया गया था कि कंपनी इस फीचर फोन का प्रोडक्शन बंद करने जा रही है।
रिलायंस जियो को लेकर कल एक रिपोर्ट में कहा गया था कि जियोफोन के प्रोड्क्शन को बंद कर दिया गया है और कंपनी अपने नए फोन को लाने की तैयारी कर रही है। खबरों में यह भी कहा गया है कि यह डिवाइस जियोफोन की तुलना में सस्ता या फ्री भी हो सकता है, जो कि एंड्रॉयड पर काम करेगा।
आपको बता दें कि मौजूदा समय में जियो फोन फायरफॉक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के वर्जन पर काम करता है। साथ ही, इस फोन के जरिए आप पॉपुलर ऐप्स जैसे कि फेसबुक और व्हाट्सऐप का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।
फैक्टर डेली की रिपोर्ट में किया गया था दावा-
फैक्टर डेली की ओर से आई रिपोर्ट में कहा गया है कि जियो फोन का प्रोडक्शन बंद कर दिया गया है। कंपनी एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर काम करने वाले फीचर फोन को लाने का विचार कर रही है। फैक्टर डेली की तरफ से खबर आने के बाद कई लोगों ने इसके बारे में लिखा था।
जियो ने पेश की सफाई-
रिलायंस जियो ने अपने जारी बयान में बताया कि “जियोफोन जो कि इंडिया का स्मार्टफोन कहा जा रहा है, देश की डिजिटल डिमांड को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी ने आगे बताया कि जियो फोन के बंद होने की सूचना सिर्फ अफवाह है। कंपनी ने पहले चरण में करीब 60 लाख फोन बुक किए हैं और इनकी डिलीवरी जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। इसके साथ ही कंपनी आने वाले कुछ दिनों में दोबारा प्री-बुकिंग भी शुरु करेगी।”
जियो को टक्कर देगा एयरटेल का 4जी फोन-
रिलायंस जियो द्वारा 4जी फीचर फोन पेश किए जाने के बाद अब एयरटेल ने भी अपना नया सस्ता 4जी फोन लॉन्च कर दिया है। एयरटेल ने इसके लिए मोबाइल कंपनी कार्बन से हाथ मिलाया है और महज 1399 रुपए में अपना बजट 4जी फोन पेश किया है। यह फोन जियो फोन को टक्कर देने के लिए लॉन्च किया गया है।

इस फोन को यूजर्स देशभर के किसी भी रिटेल स्टोर से खरीद सकते हैं। ग्राहक इस फोन को 2,849 रुपये में खरीद पाएंगे, जिसके बाद उन्हें एयरटेल की तरफ से 1,500 रुपये का कैशबैक दिया जाएगा।
ऐसे में यूजर्स के लिए इस फोन की कीमत 1,349 रुपये होगी। आपको बता दें कि इस कैशबैक को पाने के लिए यूजर्स को 36 महीने तक हर महीने 169 रुपये का रीचार्ज कराना होगा।
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Tuesday, October 31, 2017

Doublelocker वायरस का अटैक, बदल देता है एंड्रॉयड स्मार्टफोन का पिन

October 31, 2017
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अगर आप एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर हैं तो सावधान हो जाइए, क्योंकि एंड्रॉयड फोन पर एक नए रैनसमवेयर DoubleLocker का खतरा मंडरा रहा है।
यह वायरस यूजर के स्मार्टफोन का पिन चेंज कर डाटा में सेंधमारी कर रहा है। साथ ही यूजर्स से फिरौती की भी मांग कर रहा है।
ऐसे करता है DoubleLocker अटैक-
आपको बता दें कि यह वायरस फोन में सेंधमारी कर होम एप्लीकेशन में डिफॉल्ट तौर पर सेट हो जाता है। इसके बाद यूजर्स जैसे ही फोन के होम बटन पर टैप करते हैं, तो यह वायरस एक्टिवेट हो जाता है और फोन को लॉक कर देता है। इसके बाद यह फोन का पिन चेंज करता है और फोन से यूजर्स की सारी जानकारी चुरा लेता है।
फोन का पिन बदल देने से यूजर्स फोन को एक्सेस ही नहीं कर पाते हैं।
यूजर्स से मांगता है फिरौती-
DoubleLocker वायरस यूजर्स से 4,000 रुपये की फिरौती मांगता है। यह राशि यूजर्स को 24 घंटे के भीतर देनी होती है। अगर यूजर फिरौती नहीं देता है तो हैकर्स उसके फोन को करप्ट करने की धमकी देते हैं। खबरों की मानें तो यह एक ऐसा रैनसमवेयर है, जो बिना फिरौती लिए यूजर्स का डाटा वापस नहीं करता है।

BadRabbit ने भी किया था अटैक-
इससे पहले रूस समेत कई देशों पर BadRabbit नाम के एक वायरस ने सायबर अटैक किया था। इससे रूस की इंटरफेक्स न्यूज एजेंसी समेत यूक्रेन एयरपोर्ट पर फ्लाइट में देरी होने जैसी समस्या आ रही थीं। हालांकि, इससे किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं थी, लेकिन फिर भी अमेरिकी सरकार ने चेतावनी जारी की थी।
अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने BadRabbit को लेकर चेतावनी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि यह ऐसा वायरस है जो कंप्यूटर को लॉक कर देता है और फिर उसे अनलॉक करने के लिए पैसे मांगता है।
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Monday, October 30, 2017

अब दोस्तों के साथ शेयर कर पाएंगे Uber कैब, जानें कैसे करें इस्तेमाल - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

October 30, 2017
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कैब एग्रीगेट उबर ने अपने ग्राहकों की यात्रा अनुभव बेहतर बनाने के लिए एक नया फीचर पेश किया है। इसके जरिए यूजर्स अपने दोस्तों के साथ कैब शेयर कर सकते हैं। ऐसा वो अपनी यात्रा के दौरान तीन स्टॉप्स को जोड़कर कर सकते हैं।
ऐसे इस्तेमाल करें नया फीचर -
इसके लिए आपको उबर ऐप में जाना होगा। यहां आपको मल्टीपल स्टॉप फीचर को + आइकन पर टैप करके एक्टिव करना होगा। इसके बाद आपको where to? सेक्शन में अपनी यात्रा का लास्ट स्टॉप बताना होगा। अब यात्रा के दौरान आप जिन जगहों पर रुकना चाहते हैं, इसकी लोकेशन फीड करनी होगी।
इससे आप अपने दोस्तों या परिवार वालों के साथ एक ही कैब शेयर कर पाएंगे। वहीं, उबर कैब चालक को उनकी ड्राइवर ऐप के जरिए रियल टाइम अपडेट मिलता रहेगा। सबसे अहम बात की यात्रा के दौरान जितने किलोमीटर सफर किया है, उसके हिसाब से किराया यूजर को देना होगा।
आपको बता दें कि फिलहाल उबर ने यह साफ नहीं किया है यह फीचर एप अपडेट करने के बाद मिलेगा या फिर इसके लिए उबर के सर्वर में बदलाव किया जाएगा।
पेमेंट का नया विकल्प किया था पेश -
इससे पहले अगस्त में उबर इंडिया ने एक नई घोषणा की है। इसके तहत यात्री भीम एप के जरिए भी पेमेंट कर पाएंगे। उबर ने UPI इंटीग्रेशन लॉन्च करने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और एक्सिस बैंक के साथ करार किया है।
वहीं, उसने ड्राइवर पार्टनर्स को भीम एप की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए HDFC बैंक के साथ साझेदारी की है। उबर ने यह कदम कैशलेस इंडिया मुहिम को बढ़ावा देने के लिए उठाया है। आपको बता दें कि भीम ऐप यूपीआई पेमेंट सिस्टम पर काम करता है।
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दो नवंबर को लॉन्च होगा शानदार फीचर्स से लैस ये नया स्मार्टफोन - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

October 30, 2017
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स्मार्टफोन बाजार में हर महीने किसी न किसी कंपनी का नया फोन लॉन्च हो रहा है। ऐपल आईफोन 8 के बाद अब अगले महीने प्रीमियम स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी एचटीसी अपना नया स्मार्टफोन ला रही है। इसकी लॉन्चिंग दो नवंबर को होने की उम्मीद है।
HTC U11 Plus नाम से लॉन्च होने वाले फोन की तस्वीर कंपनी ने टि्वटर पर शेयर की है। हालांकि इसमें फोन के मॉडल और नाम का जिक्र तो नहीं है, मगर ये माना जा रहा है कि ये फोन HTC U11 Plus का अपग्रेडेड वेरिएंट होगा। इस स्मार्टफोन को जो तस्वीर सामने आई है, उसमें फिंगरप्रिंट स्कैनर नजर आ रहा है। ऐसे में ये फोन इस फीचर से लैस होगा।
हालांकि इससे पहले इस स्मार्टफोन के कुछ और फीचर लीक हो चुके हैं। जानकारों की मानें तो एचटीसी के इस नए स्मार्टफोन को ओशन मास्टर नाम दिया जा सकता है।
ऐसे होंगे इस स्मार्टफोन के फीचर्स-
- HTC U11 Plus में 6 इंच का एलसीडी डिस्प्ले होगा, जोकि WQHD सपोर्ट करेगा। वहीं इस फोन की पिक्चर क्वालिटी काफी बेहतर होने की उम्मीद है, क्योंकि इसकी पिक्सल डेनसिटी 1440x2880 होगी।
- इस फोन के दो वेरिएंट में आने की उम्मीद है। एक वेरिएंट चार जीबी रैम और 64 जीबी के इंटरनल स्टोरेज के साथ आएगा, वहीं दूसरे में 128 जीबी इंटरनल स्टोरेज होगी।
- दोनों ही वेरिएंट में स्नैपड्रैगन 835 चिपसेट होगा। वहीं फोन की बैटरी 3930 mAh की होगी। साथ में तेजी से चार्ज करने के लिए क्विक चार्ज 3.0 होगा।
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Saturday, October 28, 2017

WhatsApp लाया नया 'Delete for Everyone' फीचर, जाने खूबियां - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

October 28, 2017
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क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि जो संदेश किसी को नहीं भेजना चाहते थे, वह अनायास ही चला गया हो? या किसी दूसरे के लिए लिखा संदेश कहीं और चला गया हो? अब ऐसे में परेशान होने की जरूरत नहीं है। लंबे इंतजार के बाद वाट्सएप ने 'रिकॉल या रिवोक मैसेज' फीचर को लांच कर दिया है।
संदेश भेजते हुए यह फीचर आपको इत्मीनान की स्थिति में रखेगा। किसी के पास गलती से संदेश चला भी गया तो आप उसे तुरंत मिटा सकेंगे। मतलब यह कि सेंड मैसेज को अनसेंड किया जा सकेगा। नया फीचर एंड्रॉयड, आइओएस व विंडोज फोन के सभी यूजर्स को उपलब्ध होगा।
वाट्सएप के संबंध में जानकारी देने वाले ट्विटर हैंडल 'वाबेटाइंफो' के अनुसार दुनिया में अभी इस फीचर को धीरे-धीरे लाया जा रहा है। दुनिया भर में वाट्सएप यूजर्स की संख्या लाखों में है। ऐसे में नए फीचर को हर देश तक पहुंच पाने में कुछ समय लगेगा।
इसकी खास बात यह होगी कि यूजर उसी चैट के संदेश को वापस ले सकेंगे जिसमें दोनों ही ओर अपेडेटेड वर्जन का इस्तेमाल किया जा रहा होगा। दूसरे शब्दों में यह तभी काम करेगा जब भेजने व पाने वाले दोनों रिकॉल फीचर को प्रभावी कर चुके होंगे। इससे न सिर्फ टेक्स्ट बल्कि जीआइएफ, इमेज व वॉयस मैसेज भी मिटाए(डिलीट) जा सकेंगे।
संदेश मिटते ही 'मैसेज डिलिटेड' लिखा आ जाएगा। हां, यह सब संदेश भेजने के सात मिनट के अंदर ही करना होगा। इस अवधि में ही आपको अपने मैसेज को रिकॉल करना होगा। इस समय सीमा के बाद संदेश रिकॉल या डिलीट नहीं हो सकेगा। वहीं अगर आप किसी संदेश को कोट कर जवाब भेजते हैं तो यह रिकॉल नहीं होगा। वैसे रिकॉल की पूरी प्रक्रिया के संबंध में वाट्सएप की ओर से कुछ नहीं बताया गया है लेकिन अलग-अलग वेबसाइटों पर उपलब्ध सूचनाओं के अनुसार यह 'जीमेल अनडू' की तरह काम करेगा। जीमेल में जैसे ही आप 'इनैबल अनडूसेंड' पर क्लिक करते हैं, उसपर सही का निशान लग जाता है। इससे भेजा गया मेल वापस आ जाता है।
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Thursday, October 26, 2017

नई तकनीक से कुछ सेकंड में चार्ज होंगे स्मार्टफोन - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

October 26, 2017
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वह दिन दूर नहीं जब आप अपने स्मार्टफोन को महज कुछ सेकंड में ही चार्ज कर सकेंगे। वैज्ञानिकों ने ऐसी नई तकनीक ईजाद की है जिससे यह संभव हो सकेगा। इस तकनीक से ऊर्जा संग्रह करने की डिवाइस की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है।
इस तरह की डिवाइस सुपरकैपेसिटर्स के तौर पर जानी जाती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस तकनीक से डिवाइस की ऊर्जा संग्रह करने की क्षमता दोगुनी होने के साथ ही वह फटाफट चार्ज भी हो सकती है। इस खोज से स्मार्टफोन, लैपटॉप और इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर हर चीज में इसके इस्तेमाल की राह खुल सकती है।
कनाडा की वॉटरलू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर माइकल पोप ने कहा कि सुपरकैपेसिटर्स को पारंपरिक बैटरियों के विकल्प के तौर पर पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है। इनमें सुधार, सुरक्षा और फटाफट चार्ज होने की भरपूर संभावनाएं हैं। हालांकि निम्न संग्रह क्षमता के कारण उपकरणों में मौजूदा सुपरकैपेसिटर्स का उपयोग सीमित है।

इस तरह बढ़ाई क्षमता
पोप और उनके साथियों ने सुपरकैपेसिटर्स की क्षमता बढ़ाने के लिए नई विधि अपनाई। उन्होंने इसके इलेक्ट्रोड पर तैलीय तरल नमक के साथ ग्रैफीन नामक कंडक्टर की पतली परत चढ़ाई। यह लिक्विड साल्ट ग्रैफीन की पतली परतों में अंतर रखने का काम करता है। इससे सतह के इलाके में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो जाती है। यह अधिकतम ऊर्जा संग्रह की क्षमता के लिए महत्वपूर्ण है।
बैटरी की जगह ले सकते हैं सुपरकैपेसिटर्स
पोप ने कहा कि सुपरकैपेसिटर्स की क्षमता बढ़ने का मतलब यह हुआ कि इन्हें आकार में छोटा और हल्का बनाया जा सकता है। इनको ज्यादातर उन उपकरणों में बैटरी की जगह लगाया जा सकता है जिन्हें जल्दी चार्ज करने की जरूरत पड़ती है। इन सुपरकैपेसिटर्स का पारंपरिक वाहनों में लेड-एसिड बैटरियों की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है।
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Wednesday, October 4, 2017

आजमाएं ये 4 स्टेप्स और स्मार्टफोन से डिलीट फोटोज हो जाएंगे रिकवर - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

October 04, 2017
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आजकल ज्यादातर यूजर्स अपने स्मार्टफोन में डॉक्यूमेंट, फोटोज और वीडियोज आदि सेव रखते हैं। लेकिन कई बार हमारी गलती से या फिर किसी तकनीक खराबी के चलते डाटा डिलीट हो जाता है। कई यूजर्स को यह पता नहीं होता है कि यह डाटा रिकवर भी किय जा सकता है।
आपको बता दें कि इन डिलीट हुई फोटोज की दोबारा रिकवरी करना थोड़ा मुश्किल काम जरूर है लेकिन नामुमकिन नहीं। इस खबर में हम आपको इसका तरीका बताने जा रहे हैं।
अगर आपके फोन का भी डाटा डिलीट हो गया है और कहीं बैकअप भी सेव नहीं है तो Asoftech Photo Recovery सॉफ्टवेयर के जरिए आप अपने डाटा को रिकवर कर सकते हैं। यह सॉफ्टवेयर आपको आसानी से इंटरनेट पर मिल जाएगा।
ऐसे करें सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल - 
1. इसके लिए आपको सबसे पहले अपने कंप्यूटर में Asoftech Photo Recovery सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करना होगा।
2. इसके बाद अगर आपको मैमोरी कार्ड से डाटा रिकवलर करना है तो कार्ड को पीसी में इंसर्ट करें और अगर फोन से रिकवर करना है तो यूएसबी केबल के जरिए फोन को कंप्यूटर में कनेक्ट करें।
3. इसके बाद सॉफ्टवेयर को ओपन करें। फोन या मैमोरी कार्ड को कनेक्ट करने के बाद स्क्रीन पर जो भी नई ड्राइव दिखे उसे सेलेक्ट करें।
4. अब आपको एक स्कैन का ऑप्शन दिया गया होगा। इसे क्लिक कर दें। इससे आपकी डिलीट हुई फाइल रिकवर हो जाएंगी। आप इन्हें सेव कर सकते हैं।
इस सॉफ्टवेयर के अलावा भी कई ऐसे सॉफ्टवेयर या तरीके हैं जिसके जरिए डिलीट हुए डाटा को रिकवर किया जा सकता है।
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Monday, October 2, 2017

OMG: चार्जिंग करते-करते अलग हो गई आईफोन-8 प्लस की स्क्रीन - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

October 02, 2017
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ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी ऐपल के नवीनतम आईफोन में कथित तौर पर नई समस्या सामने आई है। ताईवान में आईफोन 8 प्लस की एक उपभोक्ता ने दावा किया है कि चार्जिंग के समय उसके आईफोन 8 प्लस की स्क्रीन अलग हो गई।
इस शिकायत के लिए बैटरी में खराबी की बात कही जा रही है। अपुष्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि आईफोन 8 प्लस में एंपेरेक्स टेक्नोलॉजी लि (एटीएल) की बैटरी का इस्तेमाल किया गया है।
इसी कंपनी की बैटरी सैमसंग गैलेक्सी नोट 7 में इस्तेमाल हुई थी। गैलेक्सी नोट 7 में पूरी दुनिया में विस्फोट होने की अनगिनत घटनाएं होने के बाद कंपनी को इसे वापस लेना पड़ा था।
नेक्स्ट वेब वेबसाइट ने शुक्रवार की देर रात यह जानकारी दी है। ताईवानी महिला द्वारा आईफोन 8 प्लस खरीदने के पांच दिन बाद स्क्रीन अलग होने की घटना हुई।
इस महिला ने 64 जीबी का रोज गोल्ड आईफोन 8 प्लस खरीदा था। उसने फोन के साथ मिली केबल और एडैप्टर का इस्तेमाल करके फोन चार्जिंग के लिए लगाया था। करीब तीन मिनट बाद फ्रंट पैनल निकलकर अलग हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के कुपरटिनो मुख्यालय वाली ऐपल कंपनी इस मामले की जांच कर रही है। अभी तक स्क्रीन अलग होने की वजह पता नहीं चली है।
इसी तरह की खबर जापान से भी आई है। वहां भी एक उपभोक्ता ने शिकायत की कि आईफोन के नए मॉडल की स्क्रीन अलग हो गई। हालांकि फोन की बॉडी में जलने का कोई निशान नहीं दिखाई दिया।
एेपल ने अमेरिका समेत कई देशों में 22 सितंबर को यह फोन लांच किया था। भारत में भी इसकी बुकिंग 22 सितंबर को शुरू हुई थी। इसकी लांचिंग शुक्रवार को हुई। भारत में इसकी कीमत 64,000 रुपए से शुरू होती है।
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Friday, September 29, 2017

दुनिया के टॉप Brand में एेपल सबसे ऊपर, फेसबुक दूसरे स्थान पर काबिज - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

September 29, 2017
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टेक्नोलॉजी क्षेत्र की वार्षिक इंटरब्रैंड ने एक बेस्ट ग्लोबल ब्रैंड्स रिपोर्ट पेश की है जिसमें कहा गया है कि टॉप 10 ब्रैंड्स में आधी से ज्यादा टेक्नोलॉजी फर्म शामिल हैं। इसमें पहले स्थान पर अमेरिका कि टेक्नोलॉजी कंपनी एेपल है। कंपनी की ब्रैंड वैल्यू 3 फीसद बढ़कर करीब 18140 करोड़ डॉलर तक पहुंच गई है। वहीं, अगर सबसे ज्यादा ग्रोथ की बात करें तो फेसबुक की वैल्यू 48 फीसद बढ़कर 4810 करोड़ डॉलर हो गई है।
दूसरे स्थान पर रहा गूगल:
इस लिस्ट में दूसरे पायदान पर गूगल रहा। पिछले साल के मुकाबले इसकी ब्रैंड वैल्यू 6 फीसद बढ़कर 14170 करोड़ डॉलर हो गई है। वहीं, तीसरे स्थान पर माइक्रोसॉफ्ट है। इसकी ब्रैंड वैल्यू पिछले साल के मुकाबले 10 फीसद बढ़कर 7990 करोड़ डॉलर हो गई है। इस लिस्ट में अन्य नाम कोका-कोला, अमेजन, सैमसंग, टोयोटा, फेसबुक, मसर्डिज बेंज और आईबीएम के हैं। यह पहली बार है जब फेसबुक का नाम टॉप 10 ब्रैंड्स में शामिल हुआ है।
रिपोर्ट की मानें तो अमेजन की ब्रैंड वैल्यू में 29 फीसद, एडोब की 19 फीसद, एडिडास की 17 फीसद और स्टारबक्स की 16 फीसद बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट में 100 ब्रैंड्स के नाम दिए गए हैं जिनकी कुल ब्रैंड वैल्यू साल 2016 के मुकाबले 4.2 फीसद बढ़कर 187170 करोड़ डॉलर हो गई है।
आपको बता दें कि नेटफ्लिक्स, सेल्सफोर्स और फरारी भी टॉप 100 ब्रैंड्स में शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा ब्रैंड वैल्यू नेटफ्लिक्स की है। इसकी वैल्यू 36,335 करोड़ की है। वहीं, सेल्सफोर्स की ब्रैंड वैल्यू 33,930 करोड़ और फरारी की 31,655 करोड़ है। नेटफ्लिक्स 78 नंबर पर है। तो सेल्सफोर्स 84 और फरारी 88 नंबर पर है।
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Thursday, September 21, 2017

WhatsApp ने किया ब्रिटेन को एनक्रिप्टेड मैसेज की सुविधा देने से इन्कार - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

September 21, 2017
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फेसबुक के स्वामित्व वाले वाट्सएप ने ब्रिटेन की सरकार को एनक्रिप्टेड मैसेज तक पहुंच की सुविधा देने से साफ मना कर दिया है। अधिकारियों ने हालिया आतंकी हमलों की जांच में इन संदेशों का पता लगाया था, लेकिन वे इन कूट संदेशों को पढ़ नहीं पाए। इस पर सरकार ने इन तक पहुंच के लिए वाट्सएप से आग्रह किया था।

संदेशों या सूचनाओं को कूट भाषा में लिखने की प्रक्रिया को एनक्रिप्शन कहते हैं। इसकी पहुंच सिर्फ अधिकृत व्यक्तियों तक ही हो सकती है।
सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि आतंकियों की एनक्रिप्टेड बातचीत तक पहुंच नहीं होना सुरक्षा सेवाओं के लिए बड़ी खामी है। आतंकी खासतौर पर वाट्सएप और टेलीग्राम जैसे एनक्रिप्टेड एप्स का उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा, 'यह काफी अहम है कि उनकी बातचीत तक हमारी पहुंच हो सके।'
वाट्सएप ने बयान में कहा कि डाटा उपलब्ध कराया नहीं जा सकता। वाट्सएप इसे खुद नहीं जुटाता। गौरतलब है कि वेस्टमिंस्टर, मैनचेस्टर और लंदन ब्रिज पर हुए आतंकी हमलों से पहले एनक्रिप्टेड मैसेजिंग एप्स का इस्तेमाल किया गया था।
लंदन मेट्रो हमले में दो और गिरफ्तार
ब्रिटेन पुलिस ने पिछले हफ्ते लंदन मेट्रो पर हुए आतंकी हमले की जांच के दौरान दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल पांच लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस हमले में तीस लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्कॉटलैंड यार्ड की आतंकरोधी कमान ने जांच-पड़ताल के दौरान साउथ वेल्स और न्यूपोर्ट से दो लोगों को गिरफ्तार किया।
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