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Tuesday, January 28, 2020

SmartPhone यूज करते हैं तो बैटरी और चार्जर को लेकर बरतें ये सावधानियां

January 28, 2020
इन दिनों अधिकांश लोग स्‍मार्टफोन SmartPhone का ही इस्‍तेमाल करते हैं। ढेर सारी सुविधाओं के चलते ये फोन सभी की पसंद हैं लेकिन जब इन फोन्‍स से हादसे होते हैं तो बड़ा नुकसान हो जाता है। कभी बैटरी में ब्‍लास्‍ट हो जाता है तो कभी फोन बार-बार डिस्‍चार्ज हो जाता है और आपकी अहम बात अधूरी रह जाती है। छोटी सी बात का ख्‍याल ना रखने पर जान तक चली जाती है।
अगर आपका फोन डिस्चार्ज हो जाता है तो बैटरी को निकालकर उसके साथ छेड़खानी ना करें। कई बार लोग बैटरी निकालकर उसे दूसरे तरीकों से चार्ज करने की कोशिश करते हैं। इसका बड़ा खामियाजा उन्हें उठाना पड़ता है।
हाल ही में मंदसौर में ऐसी ही एक घटना में व्यक्ति की गलती के कारण बैटरी फटने की समस्या आई। मंदसौर में हुई घटना के संबंध में व्यक्ति ने बताया कि बैटरी डिस्चार्ज होने पर उसने मोबाइल से बैटरी निकालकर उसे पत्थर पर घिस कर चार्ज करने की कोशिश की। इसके बाद बैटरी फट गई।
हम सभी फोन का उपयोग करते हैं। इसलिए फोन, बैटरी और चार्जर को लेकर आपको खासतौर पर सावधानी बरतनी चाहिए।
इन बातों का रखें ध्यान
- अगर आपका फोन गर्म होता है तो इसे नजरअंदाज ना करें।
- बैटरी और चार्जर में कोई समस्या हो तो उसे तुरंत कंपनी के अधिकृत सेंटर में ठीक करवाएं।
- बैटरी अगर फूल गई है तो तुरंत उसे बदल दें।
- फोन की बैटरी खराब होने पर नकली बैटरी ना लगवाएं।
- अगर आपके पास जियो फोन है तो उसके साथ मिले चार्जर का ही उपयोग करें। किसी भी डूप्लीकेट चार्जर का उपयोग ना करें।
- फोन की बैटरी निकालकर किसी दूसरे चार्जर से चार्ज ना करें।
- मोबाइल को पूरी रात चार्जिंग पर लगाकर ना रखें।
- जियो फोन में किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर रिलायंस जियो के अधिकृत सेंटर पर ही रिपेयरिंग करवाएं।
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Wednesday, January 8, 2020

Samsung at CES 2020: Samsung ने पेश किया Selfie Type, मोबाइल के सेल्फी कैमरे से कर सकेंगे टाइप

January 08, 2020
Los Vegas में चल रहे CES 2020 के पहले दिन Samsung ने कई शानदार प्रोडक्ट्स पेश किए जिनमें टीवी से लेकर Ballie रोबोट तक शामिल हैं। इन्ही में एक नया और इनोवेटिव प्रोडक्ट है Selfie Type। यह ऐसी तकनीक है जो आपके मोबाइल के फ्रंट कैमरे की मदद से टाइपिंग में मदद करेगी और इसके लिए आपको कीबोर्ड की जरूरत भी नहीं होगी। देखने में यह तकनीक पूरी तरह से हॉलीवुड की फिल्मों की तरह है जिसमें Invisible Keyboard की मदद से एक्टर्स टाइपिंग करते देखे जा सकते हैं।
वास्तव में यह सेल्फी के किसी प्रकार जुड़ा प्रोडक्ट नहीं बल्कि नई तकनीक है। यह तकनीक यूजर को उसके स्मार्टफोन में टाइप करने में मदद करेगी वो भी एक ऐसे वर्चुअल की-बोर्ड से जो यूजर के फोन के सेल्फी कैमरा का यूज करेगा। कंपनी का दावा है कि यह सेल्फी टाइप फोन में मौजूद सेल्फी टाइप आर्टीफिशियल इंजन का उपयोग करेगा जो उंगली के इशारों को एनालाइज करेगा। यह इशारे मोबाइल के सेल्फी कैमरे द्वारा रिकॉर्ड किए जाएंगे और उन्हें फिर क्वार्टी की-बोर्ड इनपुट्स की मदद से टेक्स्ट में कनवर्ट कर देगा।
फिलहाल Samsung ने इसे डेमो के तौर पर ही पेश किया है और इसके कमर्शियली लॉन्च करने को लेकर कोई घोषणा नहीं की है। लेकिन इसके डेमो को देखकर लगता है कि भविष्य की तकनीक के लिए यह काफी काम का प्रोडक्ट हो सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की दिशा में बढ़ती कंपनियों की रेस में यह अहम प्रोडक्ट है।
आप भी इसका डेमो वीडियो देखेंगे तो देखते ही रह जाएंगे कि किस तरह यह तकनीक काम करती है।
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Wednesday, November 14, 2018

10 से 15 हज़ार रुपए सस्‍ती कीमतों पर मिल रहे हैं ये 10 स्मार्टफोन्स

November 14, 2018
पिछले दिनों कुछ स्‍मार्टफोन्‍स की कीमतों में गिरावट आई है। इसके चलते अब ये फोन पहले से कहीं अधिक सस्‍ती कीमत पर उपलब्‍ध हैं। बजट स्मार्टफोन से लेकर Samsung Galaxy Note 8 और Apple iPhone X जैसे फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स तक कई हैंडसेट्स की कीमत में कटौती की गई है। यहां हम आपको इसी की जानकारी दे रहे हैं।


जानें किस फोन पर हुई कितनी कटौती:

1. Nokia 8 Sirocco की कीमत को 13,000 रुपये कम किया गया है। इसे 49,999 रुपये में लॉन्च किया गया था। प्राइस कट के बाद फोन को 36,999 रुपये में खरीदा जा सकता है।
2. Galaxy J6+ को 1,000 रुपये के डिस्काउंट के साथ 14,990 रुपये में खरीदा जा सकता है। इसकी पहले कीमत 15,990 रुपये थी।

3. Oppo A83s को भी 1,000 रुपये का प्राइस कट मिला है। इसे 10,990 रुपये के बजाय 9,990 रुपये में खरीदा जा सकता है।

4. Samsung Galaxy A7 के 4 जीबी रैम वेरिएंट को 22,990 रुपये में खरीदा जा सकता है। वहीं, 6 जीबी रैम वेरिएंट को 26,990 रुपये में खरीदा जा सकता है। इसके 4 जीबी रैम वेरिएंट पर 1,000 रुपये और 6 जीबी रैम वेरिएंट पर 2,000 रुपये की कटौती की गई है। इन दोनों की वास्तिवक कीमत क्रमश: 23,990 रुपये और 28,990 रुपये है।

5. Galaxy S8 Plus को 64,900 रुपये में लॉन्च किया गया था। इसे 25,000 रुपये के डिस्काउंट के साथ 39,900 रुपये में खरीदा जा सकता है।
6. Nokia 3.1 की कीमत को 1,000 रुपये कम किया गया है। इसे 11,999 रुपये के बजाय 10,999 रुपये में खरीदा जा सकता है।

7. iPhone X के 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 95,390 रुपये के बजाय 91,900 रुपये में खरीदा जा सकता है। वहीं, 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 108,930 रुपये के बजाय 106,900 रुपये में खरीदा जा सकता है।

8. iPhone 8 Plus के 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 69,990 रुपये और 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 84,900 रुपये में उपलब्ध कराया गया है।

9. iPhone 8 के 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 59,900 रुपये और 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 74,900 रुपये में उपलब्ध कराया गया है।
10. Vivo X21 को भारत में 35,990 रुपये में लॉन्च किया गया था। इसे 4,000 रुपये की कटौती के साथ 31,990 रुपये में खरीदा जा सकता है।
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Saturday, September 1, 2018

गूगल ड्राइव पर ले लें व्हाट्सएप का बैकअप, नहीं तो हो जाएगा डाटा डिलीट

September 01, 2018
फेसबुक के स्वामित्व वाली मेसेंजिंग कंपनी व्हाट्सएप ने घोषणा की है कि वह यूजर्स का डाटा डिलीट कर देगा। अगर यूजर अपने डाटा को बचाए रखना चाहते हैं, तो उन्हें मैनुअली इसका बैकअप गूगल ड्राइव में लेना होगा। लिहाजा, यदि आपने पिछले एक साल से व्हाट्सएप के चैट और मीडिया कॉन्टेंट का बैकअप अभी तक नहीं लिया है, तो जल्दी करें।
गूगल ड्राइव पर ले लें व्हाट्सएप का बैकअप, नहीं तो हो जाएगा डाटा डिलीट

अगर आपने मीडिया कॉन्टेंट और वॉट्सऐप चैट गूगल ड्राइव पर एक साल से ज्यादा वक्त से बैकअप नहीं लिया है, तो इसका 12 नवंबर तक बैकअप कर लें। नहीं तो आपके डाटा को कंपनी डिलीट कर देगी। गौरतलब है कि व्हाट्सएप गूगल पार्टनरशिप के बाद यूजर्स को गूगल ड्राइव में व्हाट्सएप बैकअप के लिए फ्री स्पेस मिलेगा।

पार्टनरशिप 12 नवंबर से प्रभावी होगी। इसलिए गूगल ड्राइव वॉट्सऐप स्टोरेज फ्री में पाने के लिए आपको एक साल पुराना व्हाट्सऐप डेटा मैनुअली बैकअप करना होगा, नहीं तो इसे डिलीट कर दिया जाएगा। बताते चलें कि व्हाट्सएप को 1.5 अरब लोग हर महीने इस्तेमाल करते हैं।

इस तरह यूजर्स के पास चैट, पिक्चर्स और वीडियोज समेत काफी डाटा जमा हो जाता है। इसकी वजह से यह एप गूगल के साथ बैकअप के लिए काम करती है। यह यूजर्स के नजरिये से अच्छी और बुरी खबर दोनों ही है। अच्छी खबर यह है की गूगल ने व्हाट्सएप यूजर्स को उनका डाटा बैकअप करने के लिए अनुमति दे दी है। वहीं, बुरी खबर यह है कि यूजर्स 15GB से अधिक डाटा का बैकअप फ्री में नहीं पाएंगे।

व्हाट्सएप को मैन्युअली कैसे करें बैकअप?

सबसे पहले, यह ध्यान रखें की आपके फोन पर गूगल ड्राइव सेटअप हुआ हो।

इसके बाद व्हाट्सएप में मेन्यू में जाएं, फिर चैट्स और उसके बाद चैट बैकअप पर जाएं।

इसके तहत बैकअप को सेलेक्ट करें और अपने आप गूगल ड्राइव में सब कुछ बैकअप होने लगेगा।

इस बात का भी ध्यान रखें की अधिकतर व्हाट्सएप अकाउंट्स का सिर्फ वाई-फाई पर बैकअप लिया जा सकेगा तो देख लें की इस प्रोसेस को शुरू करने से पहले आप वाई-फाई से कनेक्टेड हो।

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Monday, July 30, 2018

2 तरीके जिनकी मदद से मिलेगा अनचाहे कॉल से छुटकारा

July 30, 2018

बार-बार कोई आपको कॉल परेशान कर रहा है और आप उससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे। इसकी मदद से आप किसी भी नंबर को स्पैम या ब्लॉक लिस्ट में डाल सकते हैं। दरअसल आप अपने फोन के डिफाल्ट ऐप में जाकर किसी भी नंबर को ब्लॉक कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आपके फोन में यह विकल्प शामिल हो तब आप किसी नंबर को स्पैम मार्क भी कर सकते हैं। तो जानते हैं इन 2 तरीकों और इनके स्टेप्स के बारे में।

पहला तरीका

Step 1: अपने स्मार्टफोन के डिफॉल्ट ऐप पर जाएं।

Step 2: यहां दाईं ओर आपको तीन डॉट्स दिखाई देंगे, इन पर टैप करें।

Step 3: यहां More ऑप्शन पर क्लिक करें।

Step 4: इसके बाद Settings ऑप्शन पर टैप करें।

Step 5: यहां आपको Caller ID & Spam ऑप्शन दिखाई देगा। इसे ऑन कर दें।

यहां ध्यान देना जरूरी है कि आपके स्मार्टफोन में Caller ID & Spam बाई डिफॉल्ट ऑन मिलेगा लेकिन अगर ये ऑप्शन आपके फोन में बंद है, तो इसे टर्न ऑन कर दें।

दूसरा तरीका

Step 1: अपने स्मार्टफोन के फोन ऐप को ओपेन करें।

Step 2: इसके बाद Recent Calls ऑप्शन पर जाएं।

Step 3: इसके बाद कॉल लिस्ट में उस नंबर को चुनें जिसे आप स्पैम मार्क करना चाहते हैं।

Step 4: इसके बाद Block/report Spam ऑप्शन पर टैप करें।

Step 5: ऐप आपसे तुरंत पूछेगा कि क्या आप इस नंबर को ब्लॉक करना चाहते हैं।

Step 6: अगर आपके फोन में यह ऑप्शन दिखाई देता है, तब आप Report call as spam ऑप्शन को भी चुन सकते हैं।

Step 7: अगर यह ऑप्शन आपके फोन में मौजूद नहीं है तो आप उस नंबर को सीधे ब्लॉक कर सकते हैं जिससे आपको लगातार कॉल आ रहे हों।

नोट: इस प्रोसेसर के लिए आपके स्मार्टफोन में Android 6.0 या इससे उपर का ऑपरेटिंग सिस्टम होना चाहिए। इसके अलावा यह प्रोसेस हर फोन पर अलग-अलग हो सकता है। इससे फेक फोन आने तो नहीं बंद होंगे लेकिन आप उन नंबर्स को ब्लॉक कर सकते हैं, जो आपको परेशान कर रहे हों।

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Friday, July 27, 2018

Google Maps लाया यह अपडेट, देख पाएंगे सालों पुरानी यात्रा की डिटेल्स

July 27, 2018
Google Maps लाया यह अपडेट, देख पाएंगे सालों पुरानी यात्रा की डिटेल्स

गूगल अपने हर ऐप के लिए कुछ ना कुछ नया अपडेट लेकर आ रहा है। इसी कड़ी में उसने गूगल मैप्स के लिए भा अपडेट जारी किया है। इस अपडेट का फायदा यह होगा कि अगर आप अपनी किसी पुरानी यात्रा की डिटेल्स चाहते हैं तो आपको बड़ी आसानी से मिल जाएगी।

यह अपडेट आपको सालों पुरानी यात्री की सभी डिटेल्स चुटकी बजाते उपलब्ध करवा देगी। यह आपको बताता है कि आप किन-किन जगहों पर गए थे। इसके अलावा आप वहां कितना समय रूके और आपने कहां-कहां फोटो क्लिक की। तो अपनी पुरानी यादों को एक बार फिर से जीने के लिए Google Maps के इस फीचर का इस्तेमाल करें और इन स्टेप्स को फॉलों करें।

Step-1: अपने स्मार्टफोन या फिर टैबलेट पर Google Maps ऐप को ओपेन करें।

Step-2: ऐप में ऊपर बाईं(लेफ्ट) ओर बने तीन डॉट्स बटन पर टैप करें।

Step-3: अब अपने टाइम लाइन पर टैप करें। अब आपको एक स्क्रीन दिखेगी जहां ऊपर की ओर आपको Explore your timeline दिखेगा। Let’s Go ऑप्शन पर टैप करें।

Step-4: ऊपर दाईं ओर आपको कैलेंडर आईकन का ऑप्शन दिखाई देगा(दाएं से दूसरा) इस पर टैप करें। इसके बाद एक विडों खुल कर सामने आएगा जिसमें चल रहे महीने के दिन दिख रहे होंगे। आप पिछले महीने में भी जा सकते हैं।

Step-5: अब उस दिन पर टैप करें जिस दिन की आप गूगल मैप एक्टिविटी देखना चाहते हैं। आप चुने हुए दिन की लोकेशन हिस्ट्री देख सकते हैं। इसके अलावा आप रूट से लेकर अपने ट्रिप पर कितना समय दिया इन सब की जानकारी हासिल कर सकते हैं।

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गूगल ला रहा 'Titan Security Key', हैकर्स से आपकी सुरक्षा होगी और पुख्ता

July 27, 2018
गूगल ला रहा 'Titan Security Key', हैकर्स से आपकी सुरक्षा होगी और पुख्ता

पल मेंदुनिया की सबसे बड़ी सर्च इंजन कंपनी गूगल अपने यूजर्स की सुरक्षा को लेकर अक्सर कदम उठाती रहती है। ऑनलाइन की दुनिया जहां किसी की भी जानकारी एक  सार्वजनिक हो सकती है वहां यूजर को ऑनलाइन सुरक्षा देना बड़ी चुनौती है। लेकिन ऐसा लगता है कि कंपनी ने इसका कोई तोड़ निकाल लिया है।

खबरों के अनुसार गूगल ने यूजर्स के लिए 'टाइटन सिक्युरिटी की' लाने की तैयारी कर ली है। यह सुरक्षा चाबी इंटरनेट की दुनिया में यूजर का ना सिर्फ डेटा सुरक्षित रखेगी बल्कि उसे हैकिंग और फिशिंग जैसी चीजों से भी बचाएगी। फिलहाल कंपनी इस चाबी की अपने कर्मचारियों के बीच टेस्टिंग कर रही है और उसका दावा है कि साल 2017 से अब तक उसके 85 हजार से ज्यादा कर्मचारियों में से किसी का डेटा ना तो हैक हुआ है और ना फिशिंग का शिकार हुआ है।

वैसे यह समय काफी कम है लेकिन गूगल जैसी कंपनी हर पल हैकर्स और फिशिर्स के निशाने पर रहती है ऐसे में लगभग एक साल तक कोई अटैक ना होना बड़ी बात माना जा रहा है। गूगल की यह सुरक्षा चाबी पेन ड्राइव और ब्लूटूथ के रूप में आएगी। यह पूरी तरह से फिजिकल सुरक्षा होगी और डेटा को सुरक्षित रखने का एक और बेहतर तरीका होगा।

खबरों के अनुसार गूगल अपने इस नए हथियार को जल्द ही ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध करवाने की तैयारी में है और इसकी कीमत 20-25 डॉलर की बच होने की उम्मीद की जा रही है बेहद कम है।

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पावर बैंक खरीदने से पहले अगर रखा इन बातों का ध्यान तो नहीं होना पड़ेगा परेशान

July 27, 2018
पावर बैंक खरीदने से पहले अगर रखा इन बातों का ध्यान तो नहीं होना पड़ेगा परेशान

कई बार ऐसे मौके आते हैं, जब हमारे स्मार्टफोन और टेबलेट की बैटरी अचानक खत्म हो जाती है और घर पहुंचकर इसे चार्ज करने के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं बचता है।

ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए पावर बैंक का नाम ही याद आता है। ऐसे में हम आपको इस खबर में ये बताएंगे कि आपकी जरूरत के हिसाब से कौन से पावर बैंक अच्छा है और इसे खरीदते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

पावर बैंक की क्षमता

आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में 3000 mAh की बैटरी आती है। ऐसे में पावर बैंक खरीदते वक्त, ये याद रखना जरूरी है कि आपके स्मार्टफोन की बैटरी की जितनी क्षमता होगी, उतना ही बार आप फोन को चार्ज कर पाएंगे। ऐसे में अगर आप 5000 mAh का पावर बैंक खरीदने की सोच रहे हैं तो ये केवल दो बार ही आपके फोन को चार्ज कर पाएगा।

वहीं दूसरी तरफ 10000mAh का पावर बैंक आपके स्मार्टफोन को तीन से चार बाजर चार्ज कर पाएगा। ऐसे में पावर बैंक की क्षमता जांचना बेहद जरूरी है।

इसलिए जरूरी हैं पावर बैंक के पोर्ट

केवल स्मार्टफोन ही ऐसा डिवाइस नहीं है, जिसकी बैटरी खत्म हो जाती है। अगर आप अपने साथ टैबलेट और कैमरा रखते हैं तो उन्हें भी चार्जिंग की जरुरत पड़ती है। ऐसे में पावर बैंक ऐसा होना चाहिए जो दो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को एक वक्त में चार्ज कर दे। ऐसे में आपको दो पोर्ट वाला चार्जर रखना चाहिए।

पावर बैंक की कंपनी जरूर परखें

आप किस कंपनी का पावर बैंक खरीद रहे हैं, ये बहुत अहम है। बाजार में कई कंपनियों के पावर बैंक चलन में है, जिनमें शानदार फीचर्स हैं। हालांकि इसके लिए आपको जेब भी थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। हालांकि बाजार में कम कीमत में भी शानदार फीचर्स वाले पावर बैंक भी हैं। ऐसे में कम खर्च करके भी आप अच्छा पावर बैंक हासिल कर सकते हैं।

पावर बैंक की बैटरी को भी जांचे

पावर बैंक में दो तरह की बैटरी होती है। एक लिथियम आयन और लिथियम पॉलीमर। इन दोनों में से आपको लिथियम पॉलीमर बैटरी वाला पावर बैंक चुनना चाहिए। ऐसा इसिलए क्योंकि इसकी बैटरी ज्यादा वक्त तक चलती है।
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Thursday, July 26, 2018

सैमसंग गैलेक्सी नोट 9 की तस्वीरें हुई लीक, इन कलर्स में आएगा स्मार्टफोन

July 26, 2018
सैमसंग गैलेक्सी नोट 9 की तस्वीरें हुई लीक, इन कलर्स में आएगा स्मार्टफोन
सैमसंग अपने लेटेस्ट स्मार्टफोन गैलेक्सी नोट 9 को अगले महीने यानी 9 अगस्त को एक शानदार इवेंट के माध्यम से लॉन्च करेगा। लेकिन इससे पहले इसकी तस्वीरें लीक हुई हैं। अगर इन पर यकीन करें तो गैलेक्सी नोट 9 ब्लैक के अलावा डीप सी ब्लू और ब्राउन कलर वेरिएंट में भी आने वाला है। ब्लू कलर वाले वेरिएंट का एस पेन पीले रंग में होगा।

पिछले कुछ दिनों से लगातार गैलेक्सी नोट 9 की अलग-अलग तस्वीरें लीक हो रहीं हैं। बताया जा रहा है कि गैलेक्सी नोट 9 पांच कलर्स में आएगा जिनमें ब्लैक, ब्लू, ब्राउन के अलावा ग्रे और पर्पल भी शामिल है। कुछ दिनों से यह स्मार्टफोन पर्पल कलर में स्पॉट हो रहा था।


खबरों के अनुसार गैलेक्सी नोट 9 के हर कलर वेरिएंट का कस्टमाइस्ड स्टाइलस है। नई तस्वीरों में हर गैलेक्सी नोट के साथ कलर्ड एस पेन भी नजर आ रहे हैं। नोट 9 का डिजाइन गैलेक्सी नोट 8 की तरह ही होने की बात कही जा रही है। यह 6.38 इंच की स्क्रीन के साथ आएगा जिसमें स्नैपड्रैगन 845/झायनोज9810 प्रोसेसर लगा है साथ ही 4000 एमएएच की बैटरी है।
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झूठी खबरों और अफवाहों पर नकेल कस रहा फेसबुक

July 26, 2018
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दिग्गज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने झूठी खबरों पर नकेल कसने के लिए नकली अकाउंट ब्लॉक करने समेत कई कदम उठाए हैं। दुनियाभर में कहीं भी चुनाव में फेसबुक के दुरुपयोग को रोकने और विज्ञापनों में पारदर्शिता के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये हिंसा फैलने और कुछ अन्य मामलों को लेकर फेसबुक को लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। कैंब्रिज एनालिटिका मामले में फेसबुक के संस्थापक व सीईओ मार्क जुकरबर्ग को अमेरिकी और यूरोपीय संसद में सवालों का सामना भी करना पड़ा था।

फेसबुक पर 2016 के अमेरिकी चुनाव में गलत तरीके से लोगों को प्रभावित करने का आरोप लगा था। फेसबुक के सिविक एंगेजमेंट हेड समिध चक्रवर्ती ने बताया कि इस साल अब तक फेसबुक ने इटली, कोलंबिया, तुर्की और अमेरिका में झूठी खबरों पर नकेल के लिए कुछ कदम उठाए हैं। इस साल के आखिर तक दुनियाभर में 50 से ज्यादा देशों में होने वाले चुनावों पर हमारी नजर रहेगी।

उन्होंने बताया कि मशीन लर्निंग की मदद से नकली अकाउंट को ब्लॉक करना और हटाना ज्यादा आसान हुआ है। चक्रवर्ती ने कहा कि नकली अकाउंट बंद करना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सोशल मीडिया पर अक्सर गलत बातों के स्रोत ऐसे ही अकाउंट होते हैं।

चीन ने फेसबुक की कंपनी से मंजूरी वापस ली

चीन में कदम बढ़ाने की कोशिश में लगी फेसबुक इंक को बड़ा झटका लगा है। पूर्वी प्रांत झेजियांग में फेसबुक की प्रस्तावित सब्सिडियरी को मिली मंजूरी चीन ने वापस ले ली है। समाचार एजेंसी रायटर के मुताबिक, चीन सरकार ने पहले इसे मंजूरी दी थी, लेकिन अब डाटाबेस में वह मंजूरी नहीं दिख रही है।
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Tuesday, July 17, 2018

बंद हो गया याहू मैसेंजर, 90 के दशक में करता था राज

July 17, 2018

इंटरनेट की दुनिया में कभी राज कर चुका याहू मैसेंजर आज इतिहास बन गया है। पिछले 20 सालों से लोगों को जोड़कर रखने वाला यह मैसेंजर आज बंद हो गया। 90 के दशक में युवाओं को इंटरनेट और चैट की दुनिया से वाकिफ कराने वाला यह मैसेंजर व्हाट्सएप और फेसबुक के आगे नहीं टिक पाया। इस दशक के लोग आज भी इस मैसेंजर से जुड़ी अपनी यादें नहीं भूल सके हैं।
दिग्गज अमेरिकी दूरसंचार कंपनी वेराइजन इसे पांच अरब डॉलर (लगभग 33,574 करोड़ रुपए) में सौदा होने के बाद याहू मैसेंजर को बंद करने का फैसला किया गया लेकिन कारण साफ नहीं था। हालांकि, आज से अगले 6 महीने तक यूजर्स अपनी चैट हिस्ट्री यहां से डाउनलोड कर सकेंगे और इस पर क्लिक करते ही यह स्कॉरल पर ले जाएगा। आईए जानते हैं कैसा रहा याहू का यह 20 साल का सफर
ऐसा रहा याहू का सफर
1994
जनवरीः अमेरिका के जेरी यांग और डेविड फिलो ने वर्ल्ड वाइड वेब पर बनाई जेरीज गाइड।
मार्चः इसका नाम बदलकर किया गया याहू।
1995
मार्चः कंपनी के तौर पर याहू का हुआ गठन।
अगस्तः याहू ने लांच की अपनी कॉमर्शियल वेबसाइट। इसमें दी जाती थी न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के माध्यम से खबर और चलते थे विज्ञापन।
1996
अप्रैलः आया याहू का आईपीओ।
सितंबरः ब्रिटेन में भी शुरू हुई याहू।
1997
अक्टूबरः याहू ने किया ऑनलाइन डायरेक्टरी कंपनी फोर11 का अधिग्रहण।
1998
जूनः फोर11 की वेबमेल कंपनी रॉकेट मेल बनी याहू मेल। वॉयावेब का किया अधिग्रहण। ऑनलाइन शॉपिंग में मदद करने वाला वेब बेस्ट एप्लीकेशन था यह।
1999
जनवरीः किया वेब होस्टिंग सर्विस कंपनी जीयोसिटीज का अधिग्रहण।
अप्रैलः इंटरनेट रेडियो ब्रॉडकास्ट डॉट का किया अधिग्रहण।
2002
फरवरीः जॉब सर्ज इंजन हॉट-जॉब्स का अधिग्रहण।
दिसंबरः खरीदा सर्च इंजन इंकटोमी।
2003
जूनः टेलीकॉम कंपनी बीटी वर्ल्ड ने मिलाया याहू से हाथ।
2004
जनवरीः नई तकनीक की खोज के लिए याहू रिसर्च लैब बनाने की घोषणा।
मार्चः लांच की सर्च इंजन तकनीक।
दिसंबरः वीडियो सर्च इंजन के परीक्षण के लिए लांच किया बीटा वर्जन।
2008
फरवरीः याहू को खरीदने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने लगाई 44 अरब डॉलर की बोली।
2010
जुलाईः सर्च के लिए याहू ने माइक्रोसॉफ्ट से मिलाया हाथ।
2012
मार्चः पेटेंट के उल्लंघन के लिए याहू ने फेसबुक पर दर्ज कराया मामला। फेसबुक ने भी किया याहू पर केस।
2013
मईः अहम न्यूज ट्वीट्स को प्रदर्शित करने के लिए ट्विटर से साझेदारी।
2014
जुलाईः याहू ने खरीदी मोबाइल कंपनी फ्लरी। वीडियो स्ट्रीमिंग सेवा रेवी का किया अधिग्रहण।
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Friday, June 29, 2018

मोबाइल से जुड़ी ये 5 गलतफहमियां तुरंत अपने दिमाग से निकाल दें

June 29, 2018
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कोई भी बात किसी भी लॉजिक से साथ अगर कोई बोल दे तो वह बात सभी जगह फैल जाती है। कुछ ऐसा ही तकनीकियों को लेकर भी होता है। मोबाइल से जुड़ी ऐसी कई भ्रांतियां है जिनके बारे में हर कोई बात करता है और उसे फॉलो भी करता है। लेकिन आपको उन बातों को सही मान लेने से पहले जान लेना चाहिए कि कहीं ये कोई मिथ तो नहीं।
ऐसे ही 5 गलतफहमियों को यहां दूर करने की कोशिश की गई है जो कि मोबाइल से जुड़ी हैं:
फोन में जितने ज्यादा बार्स उतने अच्छे सिग्नल
आमतौर पर लोग मानते हैं कि मोबाइल में जितने ज्यादा बार होते हैं, उतना अच्छा सिग्नल होता है। हम सोचते हैं कि इससे हमें कॉल क्वालिटी बहुत अच्छी मिलेगी, आवाज बिलकुल क्लीयर आएगी और बात करने में कोई दिक्कत नही आएगी। लेकिन ऐसा नहीं है। जो आप मोबाइल में सिग्नल बार्स केवल ये बताते हैं कि आपका मोबाइल फोव उस नेटवर्क टावर से कितनी दूरी पर है।
मान लीजिए अगर आप टावर के एकदम पास जा कर फोन कॉल कर रहे हैं और उसी समय आपके उस इलाके में 4 हजार और लोग हैं जो कॉल करने की कोशिश कर रहे हैं तो आपका नेटवर्क एकदम बिजी हो जाएगा और आपको कॉल क्वालिटी एकदम पुअर ही मिलेगी। तो इस गलतफहमी में मत रहिए कि जितने ज्यादा बार्स उतनी अच्छी कॉलिंग।
कैमरे में जितनी ज्यादा मेगापिक्सल्स, उतनी अच्छी फोटो 
जब आप कोई नया स्मार्टफोन खरीदते हैं तो कैमरा स्पेसिफिकेशन आपके इस फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आप में से ज्यादातर लोग सोचते हैं की जिस मोबाइल के कैमरा में ज्यादा मेगापिक्सल्स होते हैं उसमे फोटो क्वालिटी ज्यादा अच्छी होती है।
ये बात भी बिलकुल गलत है। मेगापिक्सल्स तब ही मायने रखता है जब आप पिक्चर प्रिंट करवाते हैं। वास्तव में फोटो की क्वालिटी मेगापिक्सल्स के अलावा और भी बहुत-सी चीजों पर डिपेंड करती है जैसे कैमरा लेंस, सेंसर, फोकस आदि। एक मेगा पिक्सल्स यानी एक मिलियन पिक्सल्स। पिक्चर्स छोटे-छोटे डॉट्स से बनी होती है जो कि पिक्सल्स कहलाते हैं।
ओवरनाइट चार्जिंग से बैटरी हो सकती है खराब 

आपने कई बार सुना होगा की अपने मोबाइल को रात भर चार्जिंग पर मत लगाइए नही तो आपका फोन खराब हो सकता है या उसकी बैटरी खराब हो सकती है। कुछ लोग ये तक कहते हैं कि फोन ब्लास्ट भी हो सकता है।
हकीकत तो ये हैं कि आप मोबाइल को रातभर चार्ज कर सकते हैं और मान लीजिए कि आपकी बैटरी को कुछ नहीं होगा। इसका कारण यह है कि आजकल के मोबाइल 'स्मार्ट' फोन होते हैं। आपका फोन यह पहचान लेगा कि यह फुल चार्ज हो गया है और खुद ही चार्जिंग बंद कर देगा।
कोई दूसरा या थर्ड पार्ट चार्जर यूज नहीं करना चाहिए 
आपने ये बात कई बार सुनी होगी की अपने फोन को कभी भी किसी दूसरे फोन या कंपनी के चार्जर से चार्ज मत कीजिये, केवल उसी चार्जर का यूज कीजिए जो इस फोन के साथ आया है। ये बात बिलकुल गलत है। आप किसी भी टाइप का चार्जर यूज कर सकते हैं, चाहे वो किसी भी कंपनी का हो बस ध्यान इस बात का रखना है की जो दूसरा चार्जर हो वो डुप्लीकेट या जाली चार्जर ना हो, वो चार्जर एकदम ओरिजनल होना चाहिए बाकि कोई समस्या नही है।
डाटा और कनेक्टिविटी टर्न ऑफ करने से
दो तरह की भ्रांतियां है। आपने ऐसी कई बातें सुनी होगी कि डाटा, वाई-फाई, ब्लूटूथ और जीपीएस बंद करने से आपके बैटरी पर लोड कम होता है। यह भी सलाह दी जाती है कि आपका मोबाइल कम चार्ज हो तो इन्हें टर्न ऑफ करने से कुछ मदद नहीं मिलेगी।
ये बेसिक सिस्टम सर्विसेस है जो कि आपके मोबाइल में ऑन होनी चाहिए ताकि यह स्मूदली काम कर सके।
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Saturday, April 28, 2018

गूगल ने लॉन्च किया Grasshopper ऐप, फोन पर सीख सकेंगे कोडिंग

April 28, 2018
गूगल ने लॉन्च किया Grasshopper ऐप, फोन पर सीख सकेंगे कोडिंग

सर्च इंजन कंपनी गूगल ने अपने यूजर्स के लिए Grasshopper नाम की एक ऐप लॉन्च की है। इस ऐप की मदद से यूजर अपने फोन में कोडिंग सीख सकते हैं। इस ऐप को गूगल वर्कशॉप की एक कोडर्स की टीम ने बनाया है। गूगल ने ऐप को शोध के रूप में लॉन्च किया है।
ऐप को इस तरह डिजाइन किया गया है कि आप अपने फोन पर कोडिंग की मूल जानकारी पा सकें। ऐप में कई चैलेंजेस और क्विज हैं, जिन्हें आपको हल करना होगा। ऐप बनाने के पीछे का मकसद लोगों को कोडिंग की बेसिक जानकारी देना है। ऐप में आपको हर रोज थोड़ा-थोड़ा समय देना होगा। यहां कई तरह के क्विज और गेम के माध्यम से आपको कोडिंग की जानकारी दी जाएगी।
एक आधिकारिक बयान में कंपनी की तरफ से कहा गया है कि, ‘कोडिंग एक जरूरी स्किल है, हम चाहते हैं कि हर कोई इस स्किल के बारे में जानकारी रखें’। कंपनी की तरफ से आगे कहा गया कि, ‘ हमने Grasshopperको इसलिए बनाया ताकि यूजर्स को कोडिंग की जानकारी दी जा सके और वो भी आसान और मजेदार तरीके से’
Gmail में होंगे ये 6 बड़े बदलाव
इससे पहले एक रिपोर्ट के मुताबिक गूगल ने माना है कि कंपनी Gmail के नए अपग्रेड को लेकर टेस्टिंग कर रही है। रिपोर्ट में इस बात का भी दावा किया गया है कि जल्द गूगल Gmail का नया अपडेट जारी करेगा।
क्या कहा गूगल ने?
एक मीडिया पोर्टल को दिए बयान में गूगल के एक अधिकारी ने माना कि कंपनी Gmail के नए अपडेट को लेकर काम कर रही है। गूगल के अधिकारी के मुताबिक, ‘Gmail के नए फीचर्स को लेकर काम जारी है, ऐसे में अभी कुछ भी कहना सही नहीं है। हां, हम ये मानते हैं कि Gmail के नए फीचर्स पर हमारी टीम काम कर रही है। अपडेट पूरा होने के बाद हम इसके फीचर्स के बारे में बता सकेंगे।
ये होगा बदलाव
जीमेल के नए अपडेट में यूजर्स को कई नए फीचर्स मिल सकते हैं। अपडेट के बाद जीमेल के नए लुक में यूजर्स गूगल कैलेंडर को सीधे जीमेल से ही एक्सेकस कर सकेंगे। इससे आउटलुक का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को काफी आसानी होगी।
ये होंगे नए फीचर्स- जीमेल के नए अपडेट में यूजर्स को ये नए फीचर्स देखने को मिल सकते हैं।
स्नूज
यूजर किसी भी नए मेल को स्नूजज कर सकेंगे। ये फीचर बिल्कुल अलार्म स्नूज की तरह काम करेगा। इस फीचर की मदद से स्नूज किया ईमेल कुछ देर बाद आपके इन बॉक्स में शो करने लगेगा। इस फीचर के कारण यूजर्स उन मेल को इनबॉक्सज से हटा सकेंगे जिनका रिप्लाकइ वो तुरंत नहीं दे सकते हैं।
ऑटो रिप्लाई
नए अपडेट के बाद आइफोन और एंड्रायड के यूजर्स अपने जीमेल में ऑटो रिप्लाई का ऑप्शरन एक्टिव कर सकेंगे।
ऑफलाइन
जीमेल में फलाइन मेल को भी और बेहतर किया जाएगा। गूगल मैप की तरह ही जीमेल में भी ऑफलाइन फीचर को शानदार बनाने को लेकर गूगल की तरफ से काम किया गया है। हालाकि गूगल की तरफ से नई डिजाइन को लेकर अभी तक कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
एप्स पर पहुंचना होगा आसान
नए अपडेट में यूजर्स को एप्स तक पहुंचने के लिए अपना जीमेल नहीं बंद करना पड़ेगा। बल्कि यूजर्स Gmail से G Suite एप्स पर आसानी से पहुंच सकेंगे।
इन बातों के लिए नहीं करना होगा टाइप
इस अपडेट के बाद यूजर्स को मेल का जवाब देने के लिए टाइप करने की जरुरत नहीं होगी. जीमेल यूजर्स को Thank you, Let’s go जैसे जवाब प्री-टाइप्ड ऑप्शन में मिलेंगे।
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मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजेगा रोबोट -

April 28, 2018
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भूकंप आने या बम विस्फोट होने पर कई पीड़ित मलबे के नीचे दब रह जाते हैं। राहत एवं बचाव दस्ते के लिए इन्हें खोजना कभी-कभी असंभव हो जाता है। अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन के वैज्ञानिकों ने कीड़े जैसा दिखने वाला रोबोट विकसित किया जो आसानी से अपना आकार बदलकर किसी भी तरह के सुराख में प्रवेश कर सकता है। इसकी मदद से मलबों के ढेर में दबे व्यक्ति को ढूंढ़ना आसान हो जाएगा।
कैटरपिलर (झींगा) की तरह चलने वाले इस रोबोट को बनाने में अत्यंत पतले सेंसर और संवेदनशील आर्टिफिशियल मांसपेशियों का इस्तेमाल किया गया है। इस कारण यह रोबोट हर तरह के वातावरण में काम कर सकता है। रोबोट की ऊष्मीय चालकता बढ़ाने के लिए इसमें कार्बन के सूक्ष्मकणों के साथ क्रिस्टल इलेस्टोमर (रबड़ की तरह का लचीला पॉलीमर) के तरल रूप का प्रयोग किया गया है। इससे रोबोट को सक्रिय करने के लिए उचित ऊष्मा मिल जाती है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि 28.6 मिलीमीटर लंबा रोबोट जरूरत अनुसार अपना आकार बढ़ा लेता है। इस रोबोट का कोमल और लचीला होना इसे अन्य पारंपरिक रोबोटों से अलग करता है। युद्ध या आपदा की स्थिति में इसका इस्तेमाल खोज, बचाव, चिकित्सा और पुनर्वास के लिए किया जा सकता है।
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Tuesday, March 27, 2018

FB अकाउंट डिलीट करने के बाद भी रखता है कॉल और SMS के डाटा - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

March 27, 2018
FB अकाउंट डिलीट करने के बाद भी रखता है कॉल और SMS के डाटा

फेसबुक पर निजी जानकारी या डाटा चोरी के मामले के बाद पूरी दुनिया में कई यूजर्स ने अपने फेसबुक अकाउंट डिलीट करने शुरू कर दिए हैं। यही नहीं, कई टेक इंडस्ट्री के जाने-माने लोगों ने भी फेसबुक और मार्क ज़ुकरबर्ग की आलोचना की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #DeleteFacebook टॉप ट्रेंड्स में से एक रहा।
फेसबुक के पास है आपकी कई डिटेल्स: मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यूजर्स ने जब फेसबुक प्रोफाइल डिलीट करने का प्रयाद किया, तो उन्हें पता चला कf फेसबुक फोन में आए इनकमिंग-आउटगोइंग कॉल्स और एसएमएस का सारा ब्यौरा स्टोर कर के रखता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फेसबुक ने यूजर्स के लिए अपने अकाउंट डिलीट करना मुश्किल बना दिया है। अकाउंट को डिलीट करने के बजाय उसे डिएक्टिवेट करने का विकल्प दिया जाता है। इस तरह अकाउंट डिएक्टिवेट करने के बाद भी यूजर्स का डाटा और निजी जानकारी हमेशा फेसबुक के सर्वर पर रहती है।
क्या है फेसबुक का कहना: इसकी प्रतिक्रिया में फेसबुक का कहना है कि- ''इन एप्स या सेवाओं का काम आसानी से लोगों को आपस में कनेक्ट करने का विकल्प उपलब्ध कराना है। इसलिए जब आप पहली बार किसी मैसेजिंग या सोशल एप पर साइन इन करते हैं तो अधिकतर एप्स इसकी शुरुआत फोन कॉन्टैक्ट्स अपलोड के के करती है।''
आगे कंपनी ने यह कहा- ''कॉन्टैक्ट्स अपलोड करना वैकल्पिक है। लोगों से पूछा जाता है की वो फोन से अपने कॉन्टैक्ट्स अपलोड करना चाहते हैं या नहीं। लोग पहले अपलोड की गई जानकारी को किसी भी समय डिलीट कर सकते हैं। इसी के साथ अपनी पूरी जानकारी अकाउंट और एक्टिविटी लोग में देखी जा सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एंड्रॉयड मैसेंजर भी सभी कॉल और एसएमएस पढ़ने की परमिशन मांगता है। कंपनी का कहना है की यूजर्स के पास कॉन्टैक्ट्स अपलोड न करने का विकल्प मौजूद होता है। इसी के साथ पहले से उपलोड किये गए कॉन्टैक्ट्स को डिलीट भी किया जा सकता है।
ऐसा मैसेजिंग ऐप की अपलोडिंग सेटिंग में जा कर किया जा सकता है। फेसबुक को हमेशा के लिए डिलीट करने से भी पहले से अपलोड किए गए कॉन्टैक्ट्स डिलीट हो जाते हैं। मगर, ये डाटा फेसबुक सर्वर पर फिर भी उपलब्ध हो सकता है
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Jio के इस ऑफर से आप कमा सकते हैं 50 हजार रुपए महीना - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

March 27, 2018

 रिलायंस जियो ने लॉन्चिंग के बाद से एक के बाद एक ऑफर पेश कर लोगों के बीच अपनी पैठ बना ली है। पहले फ्री कॉलिंग और फ्री इंटरनेट देने के बाद कंपनी ने काफी किफायती दाम में जो ऑफर पेश किए उससे कई टेलिकॉम ऑपरेटर चौंक गए। कुछ टेलिकॉम कंपनियों को तो बिजनेस बचाने के लिए मर्ज तक होना पड़ा।
अब रिलायंस जियो एक और बड़ा फायदा लोगों के बीच पहुंचाने जा रहा है, जिससे आप हर महीने 50 हजार रुपए तक कमा सकते हैं। यह राशि जगह और इलाकों के साथ कम या ज्यादा हो सकती है। इसके लिए आपको अपने घर की छत पर, प्लॉट या बाजार में नेटरवर्क बढ़ाने के लिए जियो टॉवर को लगवाना होगा।
जियो की वेबसाइट पर लिखा गया है कि रिलायंस जियो यूजर्स डाटा स्पीड और नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं। रिलायंस जीयो इंफोकॉम लिमिटेड ने देश भर में 6000 से अधिक नॉर्थ इंफ्राटेल इंस्टॉल करने का फैसला किया है। इसके बारे में जल्द ही विस्तृत आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
यूजर्स की संख्या 21.5 मिलियन से अधिक हो गई है और यह दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। जियो ने घोषणा की कि यह जीयो ने नेटवर्क की गुणवत्ता में सुधार के लिए पूरे देश में 65,000 टावर स्थापित किए जाएंगे। इसलिए, यूजर अपनी इमारतों, गांव या कृषि फार्म में जीओ टॉवर स्थापना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आप कार्यकारी को कॉल कर सकते हैं और उन्हें अपना स्थान, गांव, तहसील या जिला पता दे सकते हैं।
जियो 4जी टावर का प्रति माह किराया हर जगह अलग-अलग होगा। यह न्यूनतम पट्टा अवधि, पूर्व-शर्तें आदि के आधार पर तय होगा। फिर भी मोटा-मोटा अनुमान है कि जियो टॉवर का किराया करीब 20 हजार से लेकर 50 हजार रुपए के बीच होगा।
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Monday, March 26, 2018

Whatsap एंड्रॉयड बीटा वर्जन पर लाया QR कोड पेमेंट्स फीचर - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

March 26, 2018
Whatsap एंड्रॉयड बीटा वर्जन पर लाया QR कोड पेमेंट्स फीचर - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

व्हाट्सएप के UPI फीचर का यूजर्स को फरवरी महीने से इंतजार था। अब यह पेमेंट फीचर लेटेस्ट एंड्रॉयड बीटा वर्जन पर रोल आउट हो गया है।
एंड्रॉयड बीटा वर्जन के व्हाट्सएप पर QR कोड पेमेंट विकल्प उपलब्ध करा दिया गया है। जैसा कि नाम से पता चलता है, इस फीचर की मदद से QR कोड स्कैन करने पर पेमेंट की जा सकेगी। इससे पेमेंट करना आसान हो जाएगा।
यहां आएगा नया फीचर - 
व्हाट्सएप के लेटेस्ट एंड्रॉयड बीटा वर्जन 2.18.93 पर QR कोड फीचर उपलब्ध करवाया गया है। इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। अगर आपने अपने व्हाट्सएप पर व्हाट्सएप पेमेंट विकल्प को पहले से इनेबल किया हुआ है तो आप सेटिंग्स में पेमेंट्स विकल्प में जा सकते हैं। इसके अंतर्गत स्क्रॉल कर के नए पेमेंट मेथड का चयन किया जा सकता है। यहां आपको दो विकल्प मिलेंगे। 
पहला विकल्प, UPI ID का होगा और दूसरा, स्कैन QR कोड का विकल्प होगा। दूसरे विकल्प का चयन करने के बाद आपके सामने QR कोड स्कैनिंग स्क्रीन आ जाएगी। 
इसके बाद आपसे पूछा जाएगा की आप कितनी राशि भेजना चाहते हैं? इसी के साथ आपसे वेरिफिकेशन के लिए UPI पिन भी मांगा जाएगा।
सेंड टू UPI आईडी फीचर भी उपलब्ध - 
व्हाट्सएप पेमेंट फीचर को फरवरी में एंड्रॉयड यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया था। UPI पर आधारित पेमेंट फीचर की मदद से यूजर्स अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में से लोगों को पैसे भेज सकते हैं।
इस फीचर के रोल आउट के बाद पेटीएम ने व्हाट्सएप पर UPI पेमेंट के दिशानिर्देशों का पालन ना करने का आरोप लगाया था। इस आलोचना के बाद व्हाट्सएप ने UPI ID पेमेंट विकल्प को रोल आउट किया था। इस फीचर को सेंड टू UPI आईडी का नाम दिया गया था।
इस फीचर के तहत यूजर्स सीधा UPI आईडी पर ही पैसे भेज पाएंगे। एक दिन में व्हाट्सएप UPI के जरिये 20 UPI पेमेंट और 1 लाख रुपए तक भेजे जा सकते हैं।
अगर आप व्हाट्सएप QR कोड पेमेंट विकल्प का व्हाट्सएप पर प्रयोग करना चाहते हैं तो आपको गूगल प्ले स्टोर पर जाकर लेटेस्ट वर्जन 2.18.93 डाउलोड करना होगा। अभी के लिए यह फीचर सिर्फ बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध है। उम्मीद है की इसे इसे जल्द ही ऐप के स्टेबल वर्जन पर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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Thursday, December 14, 2017

गूगल मैप्स के नए फीचर से आप बस या ट्रेन की कर पाएंगे लाइव ट्रैकिंग - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

December 14, 2017
गूगल मैप्स के नए फीचर से आप बस या ट्रेन की कर पाएंगे लाइव ट्रैकिंग - सौरभ कुमार श्रीवास्तव
भारत हो या विदेश गूगल मैप्स बस, ट्रैन, कार आदि से रास्ता नेविगेट करने का सबसे बेहतर विकल्प है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आगे आने वाले समय में यह और बेहतर होने वाला है।
क्योंकि गूगल आने वाले वक्त में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए रियल-टाइम अपडेट देने की योजना लाने जा रहा है।
ऐसे होगा आपको फायदा-
इस फीचर के आने का मतलब है की अगर आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं तो आपको यात्रा और सुखद और आरामदायक होने वाली है। ट्रिप के दौरान लॉक स्क्रीन पर और अन्यथा ऐप में ही यह अपडेट्स देखी जा सकेंगी।
ऐप ऐसे करेगी काम-
-इन अपडेट्स को एक्टिवेट करने के लिए स्क्रीन पर नीचे की ओर स्टार्ट को टैप करना होगा।
-इसके बाद यूजर्स को लाइव अपडेट्स मिलने लगेंगी।
-बस या ट्रेन की लाइव अपडेट्स अलर्ट के तौर पर यूजर्स को मिलेंगी। ऐप यूजर को यह भी बताएगी की उसे कहां उतरना है।
-यह फीचर उन लोगों के लिए बहुत मददगार साबित होगा, जिनकी स्टैंड या रास्तों के बारे में नहीं पता या तो शहर में नए हैं।
यूं तो गूगल की नेविगेशन अच्छी है। लेकिन इसे लेकर यूजर्स को एक परेशानी रहती थी की इसकी ऐप को हमेशा खोले रखना पड़ता था। लेकिन इस फीचर के बाद यूजर आराम से बिना ऐप ओपन रखे भी यात्रा कर पाएंगे। क्योंकि इसके बाद एप खुद यूजर को अलर्ट करेगी।
फिलहाल, गूगल ने इस अपडेट की आधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं की है। लेकिन उम्मीद है गूगल जल्द इस अपडेट को पेश करेगा।
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Wednesday, November 15, 2017

आप भी जानिए आखिर कैसे काम करती है स्मार्टफोन की स्क्रीन - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

November 15, 2017
आप भी जानिए आखिर कैसे काम करती है स्मार्टफोन की स्क्रीन - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

बदलती तकनीक के साथ स्मार्टफोन के डिस्प्ले पैनल्स में भी काफी बदलाव किए गए हैं। फीचर फोन के छोटे से डिस्प्ले से लेकर OLED, AMOLED, POLED, फ्लैक्सीबल, बेंडेबल डिस्प्ले पैनल टर्मिनोलॉजी में कई बदलाव देखे गए हैं।
लेकिन, क्या आपने कभी ये जानने की कोशिश की है कि स्मार्टफोन में दिए जाने वाले इन डिस्प्ले में क्या अंतर है? इस खबर में हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि टचस्क्रीन फोन्स में दी जाने वाली स्क्रीन कितने तरह की होती हैं। इससे पहले हम आपको बताएंगे की स्मार्टफोन स्क्रीन में हुए बदलावों पर टेक एक्सपर्ट का क्या कहना है।
टेक एक्सपर्ट विभा सचदेव के अनुसार, 'मोबाइल की स्क्रीन में जबरदस्त इनोवेशन हुए हैं। जहां पहले औसत स्क्रीन साइज 4.7 इंच लोगों की पसंद माना जाता था। वहीं, अब यूजर्स को 5.5 इंच के स्मार्टफोन ज्यादा पसंद आते हैं। हाई रेजोल्यूशन स्क्रीन्स पर कंपनियां ज्यादा फोक्स कर रही हैं। वहीं, स्क्रीन की पावर एफिशियंसी पर भी उतना ही ध्यान दिया जा रहा है। एक्टिव स्क्रीन के बाद अब लोकप्रियता का अगला स्तर फ्लैक्सीबल डिस्प्ले होगा। इसी के चलते कंपनियां एमोलेड डिस्प्ले को ज्यादा बढ़ावा दे रही हैं।'
जानें कितने तरह की होती हैं स्मार्टफोन स्क्रीन - 
TFT LCD: यह डिस्प्ले यूनिट काफी कॉमन है। इसे कई मोबाइल फोन्स में इस्तेमाल किया जाता है। यह डिस्प्ले बेहतर इमेज क्वालिटी और हाई-रेजोल्यूशन देने में सक्षम है। लेकिन धूप में TFT LCD डिस्प्ले साफ दिखाई नहीं देता है। इन्हें ज्यादातर बजट फोन्स और फीचर फोन्स में ही इस्तेमाल किया जाता है।
IPS-LCD: यह डिस्प्ले बजट से ऊपर के स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल किया जाता है। अगर इसकी तुलना TFT डिस्प्ले से की जाए तो IPS LCD फोन में वाइड एंगल व्यू जैसे अनुभव देता है। साथ ही बैटरी की भी कम खपत होती है। इसका हाई-रेजोल्यूशन 640 x 960 पिक्सल है।
Resistive Touchscreen LCD: टचस्क्रीन LCD डिस्प्ले दो तरह के होते हैं। पहला Resistive और दूसरा Capacitive. Resistive टचस्क्रीन में कंडक्टीव मैटेरियल की दो परत दी गई हैं। जब यूजर द्वारा डिस्प्ले को छुआ जाता है तो ये दोनों परत आपस में मिलती हैं और सर्किट बनाती हैं और ऐसे ही यह स्क्रीन काम करती है।
Capacitive Touchsceen LCD: इसमें ट्रांसपेरेंट कंडक्टर के साथ ग्लास की लेयर दी गई होती है। जब इस स्क्रीन को टच किया जाता है तो स्क्रीन की इलेक्ट्रोस्टैटिक फील्ड में रुकावट आती है जिसे फोन का प्रोसेसर डिटेक्ट करता है और फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम को एक्शन को परफॉर्म करने के लिए निर्देश देता है। Resistive स्क्रीन के मुकाबले यह स्क्रीन ज्यादा रिस्पॉन्सिव है। इसे ज्यादातर हाई-एंड स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल किया जाता है।
OLED: यह मोबाइल और मॉनिटर्स में लगने वाली नई तकनीक से लैस डिस्प्ले है। इस डिस्प्ले में ग्लास टॉप प्लेट और ग्लास बॉटम प्लेट के बीच में ऑरगैनिक मैटेरियल की परत दी गई होती है। जब इन दोनों परतों पर इलेक्ट्रिक पल्स लगाई जाती है तो ऑरगैनिक मैटेरियल से इलेक्ट्रो-ल्यूमिनेससेंट लाइट उत्पन्न होती है। इस पर ही स्क्रीन की ब्राइटनेस और कलर निर्भर होते हैं।
AMOLED: यह डिस्प्ले OLED का ही एक प्रकार है। AMOLED में OLED डिस्प्ले की सभी खासियतें जैसे कलर रिप्रोडक्शन, बेहतर बैटरी लाइफ, हाई ब्राइटनेस और शार्पनेस होती हैं। मौजूदा समय में AMOLED डिस्प्ले का चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है। नोकिय 8 जैसे हाई एंड स्मार्टफोन्स में यह डिस्प्ले दी जा रही है।
Super AMOLED: यह डिस्प्ले AMOLED का ही एडवांस वर्जन है। इसमें टच सेंसर इन बिल्ट होते हैं। मार्किट में मौजूद यह सबसे पतली डिस्प्ले तकनीक है। यह AMOLED डिस्प्ले से कहीं ज्यादा रिस्पॉन्सिव है।
Retina Display: रेटीना डिस्प्ले एक ऐसी टर्म है जो ऐपल ने हाई रेजोल्यूशन (640 x 960) आईपीएस एलसीडी के लिए इस्तेमाल की थी जिसे iPhone4 में इस्तेमाल किया जाता है। इसे रेटीना डिस्प्ले इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके पिकसल्स को व्यक्ति द्वारा पहचाना नहीं जा सकता है।
Haptic/Tactile touchscreen: इस तरह की स्क्रीन का इस्तेमाल ब्लैकबैरी और नोकिया के टचस्क्रीन स्मार्टफोन्स में किया जाता है। यह डिस्प्ले यूजर के परफॉर्मेंस अनुभव और एक्यूरेसी को बेहतर बनाता है।
Gorilla Glass: यह एक अलग तरह का alkali-aluminosilicate ग्लास शील्ड है जिसे डैमेज रेसिस्टेंस बनाया गया है। यह मोबाइल डिस्प्ले को स्क्रैच, टूटने आदि दिक्कतों से बचाता है। कई फोन निर्माता कंपनियां जैसे मोटोरोला, सैमसंग और नोकिया अपने स्मार्टफोन्स को बेहतर बनाने के लिए Gorilla Glass का इस्तेमाल कर रही हैं।
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